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शहनाइयों के बीच गूंजी चीखें, दुल्हन लाने निकला ही नहीं… चल बसा दूल्हा

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कटनी। शहनाइयों के बीच गूंजी चीखें, दुल्हन लाने निकला ही नहीं… चल बसा दूल्हा। घर के दरवाजे पर विवाह गीत गाए जा रहे थे। ढोल-नगाड़े की धुन पर स्वजन व रिश्तेदार नाच रहे थे। दूल्हा तैयार होकर दुल्हन लेने को निकला और अचानक से बेहोश होकर गिर गया। आनन-फानन में उसे स्वजन वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर उसकी सांसें थम गई।

शहनाइयों के बीच गूंजी चीखें, दुल्हन लाने निकला ही नहीं… चल बसा दूल्हा

शनिवार को जानी थी बारात

घर में शहनाई का शोर करूण मातम में बदल गया। यह घटना जिले के बहोरीबंद तहसील अंतर्गत कुआं गांव की है। घटना के बाद से युवक के घर सहित गांव में भी मातम छाया हुआ है। कुआं गांव निवासी सुमेरा सेन के 27 वर्षीय पुत्र आशीष सेन का विवाह दमोह जिले के जबेरा अंतर्गत माला बम्होरी गांव में तय हुआ था। शनिवार को बारात जानी थी।

तैयार होते समय अचानक गिरा दूल्हा

घर में रिश्तेदार पहुंच गए थे और विवाह की रस्में चल रही थीं। शाम को लगभग सात बजे बारात माला बम्होरी रवाना होनी वाली थी। आशीष के घर के बाहर ढोल-नगाड़े बज रहे थे और महिलाएं विवाह गीत गाते हुए बारात को रवाना करने में लगी हुई थीं। आशीष तैयार होते समय अचानक अचेत होकर गिर गया।

मौत की खबर मिलते ही खुशियां मातम में बदली

जिसके चलते घर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्वजन आशीष को वाहन से लेकर रवाना हुए लेकिन सिहोरा पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम गई। माला बम्होरी में बारात का इंतजार हो रहा था और रात को दूल्हे की मौत की खबर पहुंचने से खुशियां मातम में बदल गई। आशीष का शव सिहोरा शासकीय अस्पताल ले जाया गया। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव स्वजनों को सौंपा गया।

दुल्हन लेकर लौटना था, आया शव

शनिवार को बारात माला बम्होरी पहुंचनी थी और विवाह समारोह के बाद रविवार को विदाई होकर दोपहर तक बारात को लौटना था। रविवार को दुल्हन का स्वागत करने की तैयारी थी लेकिन दोपहर को सिहोरा से पोस्टमॉर्टम के बाद आशीष का शव कुआं गांव पहुंचा, तो स्वजन पछाड़ खाकर गिर पड़े।

गांव में पसरा मातम

युवक की अचानक हुई मौत से गांव में भी मातम छा गया। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। बताया जाता है कि आशीष का पहले से स्वास्थ्य खराब था और विवाह की तारीख से कुछ दिन पहले ही वह नागपुर से इलाज कराकर लौटा था।

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