लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में सबसे बड़ी कार्रवाई: ‘खुद तोड़ो… नहीं तो LDA का बुलडोजर कर देगा जमींदोज’, अल्टीमेटम जारी
लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में सबसे बड़ी कार्रवाई: 'खुद तोड़ो... नहीं तो LDA का बुलडोजर कर देगा जमींदोज', अल्टीमेटम जारी
लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में सबसे बड़ी कार्रवाई: ‘खुद तोड़ो… नहीं तो LDA का बुलडोजर कर देगा जमींदोज’, अल्टीमेटम जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज (सेक्टर-डी) में हुए भयावह अग्निकांड के बाद शासन से लेकर प्रशासन तक हड़कंप मचा हुआ है। नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए एक ‘डेथ ट्रैप’ (मौत के कुएं) में लगी आग के कारण 15 मासूम छात्र-छात्राओं की दम घुटने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित हाई-लेवल विशेष जांच दल (SIT) ने जांच शुरू कर दी है, वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अवैध इमारत को जमींदोज करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है।
गर्मी और मानसून से बचने के लिए अगले साल जल्दी शुरू होगा IPL- 10 मार्च से आगाज; मैचों की संख्या में नहीं होगा कोई बदलाव
भ्रष्टाचार का खेल: 2014 में पास हुआ था आवासीय नक्शा, खड़ी कर दी कमर्शियल बिल्डिंग
जांच में सामने आया है कि जिस जगह यह तीन मंजिला इमारत खड़ी थी, वह पूरी तरह से आवासीय (Residential) क्षेत्र है।
-
नक्शा बनाम हकीकत: इस 1,992 स्क्वायर फीट के प्लॉट को साल 2013 में वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने खरीदा था। 2014 में इसका आवासीय नक्शा पास कराया गया, लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यहां एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स खड़ा कर दिया गया।
-
सेटबैक नियमों का उल्लंघन: LDA के नियमों के अनुसार बिल्डिंग के आगे और पीछे 3-3 मीटर का सेटबैक (खाली जगह) छोड़ना और बीच में आंगन बनाना अनिवार्य था, जिसे पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया।
-
भ्रष्टाचार की गवाही: इस अवैध निर्माण के कारण साल 2016 में ही इसे गिराने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से महज दो महीने में इस कड़े आदेश को कागजों पर ही वापस (Revoke) ले लिया गया।
क्यों हुआ यह दर्दनाक हादसा? इन बड़ी गड़बड़ियों ने रोकीं मासूमों की सांसें
सोमवार दोपहर इस इमारत की दूसरी मंजिल पर स्थित ‘हेड हॉपर 3D आर्ट स्टूडियो’ (एनिमेशन सेंटर) में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। इसके बाद सुरक्षा में बरती गई इन सात बड़ी लापरवाहियों ने बच्चों को बाहर निकलने का मौका नहीं दिया:
-
काल बना ‘बायोमेट्रिक गेट’: एनिमेशन सेंटर का मुख्य दरवाजा अत्याधुनिक ‘थंब एम्प्रेशन’ (बायोमेट्रिक सिस्टम) से लॉक था। आग लगते ही जैसे ही बिजली कटी, यह सिस्टम पूरी तरह जाम हो गया और गेट हमेशा के लिए लॉक हो गया।
-
रास्ते में लगी थीं AC यूनिट्स: कमर्शियल बिल्डिंग में आने-जाने के कम से कम दो रास्ते होने चाहिए, लेकिन यहां सिर्फ एक संकरा रास्ता था। लापरवाही की हद यह थी कि इस इकलौते रास्ते में भी भारी-भरकम एसी (AC) की आउटर यूनिट्स ठूंस दी गई थीं, जिससे आग के वक्त रास्ता ब्लॉक हो गया।
-
छत का दरवाजा था बंद: तीसरी मंजिल पर प्राइवेट लाइब्रेरी में पढ़ रहे छात्र जान बचाने के लिए ऊपर भागे, लेकिन छत के दरवाजे पर ताला लटका हुआ था।
-
शीशों से पूरी तरह पैक थी बिल्डिंग: सामने से पूरी बिल्डिंग शीशों और कंक्रीट से पैक थी। कोई वेंटिलेशन या आपातकालीन निकास (Emergency Exit) न होने के कारण पूरी बिल्डिंग में जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भर गई।
-
घटिया वायरिंग: बिल्डिंग में इस्तेमाल की गई बिजली की फिटिंग और तार बेहद खराब क्वालिटी के थे, जो लोड नहीं संभाल पाए।
-
फायर NOC का लूपहोल: फायर डिपार्टमेंट के नियमों के मुताबिक 15 मीटर से कम ऊंची बिल्डिंगों के लिए NOC लेना अनिवार्य नहीं होता। इस कानूनी कमी का फायदा उठाकर बिल्डिंग में कोई भी फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगाया गया था।लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में सबसे बड़ी कार्रवाई: ‘खुद तोड़ो… नहीं तो LDA का बुलडोजर कर देगा जमींदोज’, अल्टीमेटम जारी
मौके पर पहुंची SIT: 40 मिनट की जांच में खंगाली एक-एक खामी
हादसे की गहराई से जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित दो सदस्यीय एसआईटी (अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण तिवारी) ने घटनास्थल का करीब 40 मिनट तक मुआयना किया।
-
टीम सबसे पहले उस एनिमेशन सेंटर के अंदर गई जहां से आग भड़की थी और वहां से बाहर निकलने के रास्तों को देखा।
-
सीढ़ियों का निरीक्षण किया गया, जहां नियमों के खिलाफ लगी एसी आउटर यूनिट्स की स्थिति दर्ज की गई।
-
एसआईटी की टीम उस छत पर भी गई, जिसका दरवाजा हादसे के वक्त बंद था और जिसने बच्चों के बचने का आखिरी रास्ता भी छीन लिया था।
-
इसके साथ ही पहली मंजिल पर संचालित पेट (Pet) सेंटर का भी मुआयना किया गया।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: ‘खुद तोड़ो, नहीं तो जमींदोज कर देगा LDA’
इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद मुख्यमंत्री के सख्त रुख को देखते हुए ताबड़तोड़ एक्शन लिया गया है:
-
बुलडोजर एक्शन का आदेश: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बिल्डिंग को लेकर अंतिम ध्वस्तीकरण आदेश जारी कर दिया है। मालिकों को साफ अल्टीमेटम दिया गया है कि या तो वे खुद इस ‘डेथ ट्रैप’ को ध्वस्त करें, अन्यथा LDA इसे पूरी तरह जमींदोज कर देगा और इसका खर्च भी मालिकों से वसूला जाएगा।
-
गिरफ्तारियां और निलंबन: पुलिस ने इस मामले में वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और रामकृष्ण उपाध्याय सहित 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर बिजली विभाग, फायर ब्रिगेड और LDA के 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। अन्य दोषी अधिकारियों को चिह्नित करने के लिए आंतरिक जांच जारी है।








