हत्या करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावा
कटनी-माननीय न्यायालय चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी द्वारा थाना बरही के अपराध क्रमांक 60/2022, जघन्य एवं सनसनी खेज सत्र प्रकरण क्रमांक 59/2022 में हत्या करने वाले आरोपी भैय्यालाल उर्फ नीरज को धारा 302 भादवि में आजीयन कारावास एवं 1000/- रुपये के अर्थदण्ड एवं धारा 201 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/-रु. के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक / सहायक निदेशक अभियोजन श्री रामनरेश गिरि द्वारा की गई।
मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि दिनांक 07.12.2021 को शाम पांच बजे के लगभग बकरी चराने वाले ने मोहम्मद शकुर ने यह सूचना दी कि कब्रिस्तान के पास झांड़ियों के बीच में एक अजात महिला की लाश पड़ी है। मोहम्मद शकुर गांव के निवासी मोहम्मद इंकार एवं मुन्ना भाई के साथ मौके पर गया तो देखा कि कब्रिस्तान के पास रेलवे ट्रेक से लगभग 100 100 मीटर दूरी पर झाड़ियों में एक अशात महिला उम करीब 22-25 वर्ष की लाश पड़ी थी। 50 मीटर की दूरी पर अजात महिला के पहनने के कपड़े डले थे। मोहम्मद शकुर के द्वारा घटना की जानकारी आरक्षी केन्द्र बरही, जिला कटनी को दी गई। आरक्षी केंद्र बरही जिला कटनी में असल मर्ग क्रमांक 129/2021 की कायमी कर आवश्यक कार्यवाही की गई। मर्ग जांच उपरांत निरीक्षक संदीप अयाची के द्वारा आरक्षी केंद्र बरही के अपराध क्र. 765/21 अंतर्गत धारा 302, 201 भादवि की कायमी अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध की गई। अनुसंधान के दौरान निरीक्षक संदीप अयाची के द्वारा अजात मृतिका की फोटो दिखाकर लोगों से पूछताछ की गई तथा मृतिका की फोटो सतना, पन्ना, शहडोल, उमरिया प्रेषित कराई गई। विवेचना दौरान दिनांक 10.12.2021 को अशात मृतिका के पास से मिले सामान की पहचान मृतिका के पिता रामसिया पाल के द्वारा स्वतंत्र साक्षीगण की उपस्थिति में की गई। मृतिका के पिता द्वारा मृतिका सीमा पाल के शव की शिनाख्त कार्यवाही की गई। अनुसंधान के दौरान महत्वपूर्ण साक्षियों के कथन उनके बताए अनुसार लेखबद्ध किए गए। दिनांक 11.12.2021 को भइयालाल पाल द्वारा पुलिस अभिरक्षा में साक्षीगण की उपस्थिति पर मेमोरेण्डम लेखयद्ध किया गया। अभियुक्त भैय्यालाल उर्फ नीरज पाल के द्वारा स्वयं के घर से मोबाइल, घटना के समय पहनी हुई केसरिया रंग की शर्ट आदि निकालकर दिये गये जिसे पुलिस द्वारा साक्षीगण की उपस्थिति में जप्त कर जप्ती पत्रक तैयार किया गया। अभियुक्त भैय्यालाल पाल को साक्षीगण की उपस्थिति में गिरफ्तार किया गया। अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र सक्षम न्यायालय के समक्ष भादवि की धारा 302, 201 के अंतर्गत अभियुक्त भैय्यालाल के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण मैं अनुसंधानकर्ता अधिकारी अरविंद कुमार जैन द्वारा सी.डी.आर. एवं सीडीआर एनॉलिसिसि रिपोर्ट दी गई जिसके आधार पर मृतिका एवं आरोपी की टोवर लोकेशन एवं मृतिका एवं आरोपी भैय्यालाल के द्वारा उपयोग में लाए गए मोबाइल नंबर के मध्य यातधीत होना प्रमाणित हुआ। विचारण
के दौरान प्रकरण में नियुक्त नोडल अधिकारी, थाना प्रभारी बरही एवं उनके निर्देशन में नियुक्त लिंक अधिकारी का सहयोग समय-समय पर निरंतर मिलता रहा है। प्रकरण में विवेचक निरीक्षक संदीप अयाची द्वारा गहनता एवं सूक्ष्मता से विवेचना की गई।
प्रकरण में पुलिस अधीक्षक कटनी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में प्रकरण में शीघ्र से शीघ्र डीएनए की कार्यवाही कर डीएनए रिपोर्ट माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में विधारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष समस्त सारवान साक्षी, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित कराया गया। विशेष लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होते हुये प्रकरण में आये साक्ष्य का सूक्ष्मता से मनन एवं विश्लेषण कर समय रूप से न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा आरोपी को दोष सिद्ध किया जाकर विधिक एवं उपर्युक्त पीडित पक्ष को न्यायदान प्रदान करने में अहम योगदान कर प्रकरण में निर्णय पारित करते हुये आरोपी मैय्यालाल उर्फ नीरज को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 1000/- रुपये के अर्थदण्ड एवं धारा 201 भादवि में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/-रु. के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। प्रकरण में पैरवी विशेष लोक अभियोजक/सहायक निदेशक अभियोजन श्री रामनरेश गिरि द्वारा की गई।
