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डण्डे से मार कर हत्या करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास

Supreme Court sets out object and purpose of Order VII Rule 11 of the Code of Civil Procedure1908

डण्डे से मार कर हत्या करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावा

कटनी-माननीय विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) जिला कटनी श्री राजेश नंदेश्वर ‌द्वारा थाना माधवनगर के अपराध क्रमांक 899/2023. जघन्य एवं सनसनी खेज चिन्हित विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 03/2024 में अनुसूचित जाति वर्ग की मृतक राम वंशकार को दंडे से मार कर हत्या करने एवं फरियादी बॉवीदयाल को डण्डे से मारकर आहत करने के आरोप में आरोपी दीपक उर्फ दिप्पू बर्मन उम्र 21 वर्ष, निवासी झिंझरी, थाना माधवनगर जिला कटनी को धारा 302 भादवि एवं 3 (2) (V) एससी एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 10,000-10,000/- रु. का अर्थदण्ड तथा धारा 325 आदवि एवं 3 (2) (V-a) एससी एसटी एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000-5,000/-रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई। प्रकरण में पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन विशेष लोक अभियोजक रामनरेश गिरि दवारा की गई।

मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग द्वारा जानकारी देकर बताया गया कि झिंझरी निवासी मजदूरी का काम करनेवालाल फरियादी बॉबीदयाल दिनांक 14.11.2023 को सुबह करीब 10:30 बजे अपने काम पर जा रहा था, जैसे ही बिलहरी तिराहा बस स्टाप के पास पहुंचा तो उसका भाई राम वंशकार, मिश्रा के पान टपरा के सामने खड़ा था और झिंझरी का दीपक उर्फ दिप्पू बर्मन तथा झिझरी का एक यादव लड़का भी उसके पास खड़ा था। फरियादी के भाई राम वंशकार को आरोपी दिप्पू मां-बहन की गंदी गंदी गालियां दे रहा था, जो सुनने में बुरी लग रही थी तथा बोल रहा था कि मेरे पैसे वापस नहीं दिया तो चौराहे में ही मारेगा, तभी अचानक दिप्पू बर्मन अपने हाथ में लिये डण्डे से राम वंशकार को मारने लगा। यादव लड़का भी उसके भाई के साथ हाथ-मुक्कों से मारने लगा, जिससे राम वंशकार पीठ के बल रोड पर गिर गया। फरियादी ने दौंडकर अपने भाई राम वंशकार को बचाया तो दिप्पू बर्मन ने एक डण्डा उसके बांये हाथ के अंगूठे में मार दिया, जिससे अंगूठे में सूजन व काफी दर्द हुआ। आरोपी दिप्पू ने डण्डे से उसके भाई राम वंशकार को जान से मारने की नियत से मारपीट कर प्राणघातक चोटें पहुंचायी, जिससे राम वंशकार को सिर, माथा तथा पीठ में गंभीर घोट लगी तथा सिर से खून निकलने लगा। चोट लगने से वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया और आरोपी वहा से भाग गया। फरियादी तत्काल अपने भाई की ऑटी से सरकारी अस्पताल कटनी ले जाकर भर्ती कर दिया था। उसके भाई राम वंशकार की अस्पताल में आराम नहीं लग रहा था तो डॉक्टर ने उसे ईलाज हेतु जबलपुर रेफर कर दिया था। जबलपुर ले जाते समय राम वंशकार की मृत्यु हो गई। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर धारा 294, 323, 307, 34 भादवि एवं 3(1)(1), 3(1)(s) एवं 3(2)(V) भाद‌वि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना उपरांत आरोपी दीपक उर्फ दिप्पू बर्मन उम्र 21 वर्ष, निवासी झिंझरी, थाना माधवनगर जिला कटनी व्दारा अपराध घटित करना पूर्णतः प्रमाणित पाये जाने से आरोपी के विरुध्द अभियोजन हेतु पर्याप्त साक्ष्य होने एवं मामले की विवेचना पूर्ण होने से आरोपी के विरुध्द अभियोग पत्र को तैयार किया जाकर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण की प्रारंभिक विवेचना उप निरीक्षक महेन्द्र जयसवाल तथा उप निरीक्षक गायती गुप्ता एवं शेष संपूर्ण विवेचना उप पुलिस अधीक्ष अ.जा.क कटनी श्री प्रभात शुक्ला द्वारा विधिक रूप से की गयी।

प्रकरण में आये साक्ष्य का सूक्ष्मता से मनन एवं विश्लेषण कर समय रूप से न्यायालय के पीठासीन अधिकारी महोदय ‌द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध किया जाकर विधिक दण्ड से दण्डित करते हुये एवं उपर्युक्त पीडित पक्ष को न्यायदान प्रदान करने में अहम योगदान कर प्रकरण में निर्णय पारित करते हुये आरोपी दीपक उर्फ दिप्पू बर्मन को धारा 302 भादवि एवं 3(2) (V) एससी एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 10.000-10.000/- रु. का अर्थदण्ड तथा धारा 325 भादवि एवं 3(2)(V-a) एससी एसटी एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000-5,000/-रूपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई।

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