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जबलपुर में साइबर ठगों का आतंक: LIC के रिटायर्ड कर्मचारी, इंजीनियर और शिक्षक से 5.25 लाख की ठगी; 3 मामलों में FIR दर्ज

जबलपुर में साइबर ठगों का आतंक: LIC के रिटायर्ड कर्मचारी, इंजीनियर और शिक्षक से 5.25 लाख की ठगी; 3 मामलों में FIR दर्ज

जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में साइबर अपराधियों का हौसला लगातार बुलंद है। ठगों ने अलग-अलग पैंतरे अपनाकर शहर के तीन नागरिकों को अपना शिकार बनाया और उनके बैंक खातों से कुल 5,25,000 रुपये उड़ा लिए। इन मामलों में एक रिटायर्ड LIC कर्मचारी, एक इंजीनियर और एक शिक्षक ठगी के शिकार हुए हैं। गढ़ा, माढ़ोताल और ग्वारीघाट थानों में मामले दर्ज कर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।

ठगी के 3 मामले, जानिए कैसे दिया वारदात को अंजाम:

  • 1. रिटायर्ड LIC कर्मचारी से ₹3.97 लाख की चपत (गढ़ा थाना):

    • पीड़ित: प्रेमनगर निवासी शैलेष तिवारी (63)।

    • मोडस ऑपरेंडी: शैलेष तिवारी अपने पैतृक गांव गए हुए थे। जब उन्होंने बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो पता चला कि 11 से 14 जुलाई के बीच उनके खाते से अज्ञात ठगों ने कई ट्रांजेक्शन कर 3,97,000 रुपये पार कर दिए।

  • 2. इंजीनियर से सोशल मीडिया हैकिंग के जरिए ₹45 हजार ठगे (माढ़ोताल थाना):

    • पीड़ित: दीक्षित कॉलोनी निवासी इंजीनियर नीतेश कुमार राठौर (37)।

    • मोडस ऑपरेंडी: नीतेश की बुआ के पास उनके बड़े भाई (राजेश) के हैक किए गए सोशल मीडिया अकाउंट से इमरजेंसी बताकर ₹45 हजार मांगने का मैसेज आया था। नीतेश ने भरोसा कर UPI से पैसे भेज दिए, जिसके बाद हैकिंग का पता चला।

  • 3. अज्ञात लिंक पर क्लिक करते ही शिक्षक के खाते से निकले ₹64 हजार (ग्वारीघाट थाना):

    • पीड़ित: भीमनगर निवासी प्रमोद कुमार पासी (57), जो नवोदय विद्यालय बड़वारा में शिक्षक हैं।

    • मोडस ऑपरेंडी: शिक्षक के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लिंक आया था। लिंक खोलते ही दो बार में (₹50 हजार और ₹14 हजार) कुल ₹64,000 उनके खाते से कट गए।

जबलपुर पुलिस की अपील

साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी अज्ञात नंबर से आए लिंक को न खोलें और सोशल मीडिया पर किसी रिश्तेदार या परिचित द्वारा इमरजेंसी में पैसे मांगने पर पहले सीधे कॉल करके पुष्टि अवश्य करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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