तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में 10 साल की सजा: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, लगा भारी जुर्माना
तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में 10 साल की सजा: बॉम्बे हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, लगा भारी जुर्माना
मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने तहलका (Tehelka) पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को वर्ष 2013 के यौन उत्पीड़न और बलात्कार मामले में 10 साल के कठोर कारावास (Rigorous Imprisonment) की सजा सुनाई है। यह मामला तेजपाल की ही एक जूनियर महिला सहयोगी द्वारा दर्ज कराया गया था।
अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
अदालत में क्या-क्या हुआ? दोनों पक्षों की दलीलें
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के बीच तीखी बहस हुई:
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बचाव पक्ष (तरुण तेजपाल के वकील आबाद पोंडा):
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पहला अपराध: वकील ने तर्क दिया कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और यह उनका पहला अपराध है।
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जमानत शर्तों का पालन: 2013 की घटना के बाद से तेजपाल जमानत पर हैं और उन्होंने किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। उनका पासपोर्ट अधिकारियों के पास जमा है।
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न्यूनतम सजा की मांग: वकील ने अदालत से न्यूनतम सजा देने और सरेंडर के लिए 8 सप्ताह का समय देने की प्रार्थना की।
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Zतरुण तेजपाल का पक्ष: तेजपाल ने कोर्ट में कहा कि वह “राजनीतिक प्रतिशोध” का शिकार हुए हैं।
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सॉलिसिटर जनरल (SG) की दलील:
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अधिकतम सजा की मांग: एसजी ने कहा कि तेजपाल पीड़िता के लिए अभिभावक (Guardian) जैसी भूमिका में थे, फिर भी उन्होंने अपराध किया।
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कोई पछतावा नहीं: उन्होंने तर्क दिया कि पीड़िता के बार-बार मना करने के बावजूद अपराध दोहराया गया और आरोपी को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है।
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तरुण तेजपाल को किस-किस धारा में क्या मिली सजा?
हाई कोर्ट ने तेजपाल को विभिन्न धाराओं के तहत कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई:
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धारा 376(2)(f): 10 वर्ष का कठोर कारावास और ₹5 लाख का जुर्माना।
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धारा 376(2)(k): 10 वर्ष का कठोर कारावास और ₹5 लाख का जुर्माना।
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धारा 354: 1 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 का जुर्माना।
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धारा 354A: 1 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना।
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