बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर भी मौजूद रहीं। डाइट कटनी द्वारा जिले की अकादमिक स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा हुई। कलेक्टर के निर्देश पर कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए ई-शिक्षा सामग्री क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध कराने की पहल की गई है, ताकि छात्र, अभिभावक और शिक्षक आसानी से इसका उपयोग कर सकें।
इसके अलावा, बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘उत्प्रेरणा बुकलेट’ का विमोचन भी किया गया। स्कूलों में कक्षा 1, 6 और 9 में लक्ष्य के अनुरूप प्रवेश, 100% कक्षोन्नति और एमबीयू पेंडेंसी खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने अपार आईडी और आधार अपडेट को भी प्राथमिकता दी है। सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि अप्रैल के अंत तक छात्रों का आधार अपडेट और नए आधार पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्कूलों और आधार केंद्रों पर बच्चों की अधिकतम उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, एडीपीसी, बीआरसीसी और अन्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का फोकस साफ है—सुरक्षित स्कूल, बेहतर पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार।

