15 अगस्त की ग्राम सभाओं में होगी ‘धरती माता बचाओ समिति’ की विशेष बैठक; कटनी में उर्वरक सुरक्षा और किसानों की जागरूकता पर जोर
15 अगस्त की ग्राम सभाओं में होगी ‘धरती माता बचाओ समिति’ की विशेष बैठक; कटनी में उर्वरक सुरक्षा और किसानों की जागरूकता पर जोर
कटनी जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 15 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं के दौरान ‘धरती माता बचाओ समिति’ की बैठकें बुलाई गई हैं। इस बैठक में ग्रामीणों को समिति के गठन, उसके दायित्वों और क्षेत्र में उर्वरक (खाद) की वर्तमान उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की पहल
कृषि उत्पादन बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में रासायनिक उर्वरकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हालांकि, उनका अंधाधुंध उपयोग मिट्टी को नुकसान पहुँचाता है।
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मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card): किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर ही आवश्यकतानुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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जैविक खेती को बढ़ावा: मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण संरक्षण के लिए किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
नकली खाद और कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नज़र
ग्राम पंचायत स्तर पर गठित यह समितियां क्षेत्र में खाद की बिक्री और वितरण पर सीधी निगरानी रखेंगी:
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निगरानी क्षेत्र: अत्यधिक उर्वरक खपत वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
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अवैध गतिविधियों पर रोक: मिलावटी खाद के निर्माण, वितरण और गैर-कृषि उपयोग (इन्डस्ट्रियल डायवर्जन) पर रोक लगाई जाएगी।
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तत्काल सूचना प्रणाली: किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी की सूचना मिलने पर समिति द्वारा सीधे कलेक्टर या संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को सूचित किया जाएगा।
जिला एवं राज्य स्तर पर भेजी जाएगी रिपोर्ट
ग्राम स्तरीय समितियों के कार्यों और बैठकों की रिपोर्टिंग के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है:
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मासिक रिपोर्ट: ग्राम स्तरीय समितियाँ हर महीने अपने कार्यों का ब्योरा जिला स्तर पर जमा करेंगी।
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राज्य स्तरीय संकलन: जिले की पूरी संकलित रिपोर्ट प्रत्येक माह की 10 तारीख तक संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास (भोपाल) को प्रस्तुत की जाएगी। 15 अगस्त की ग्राम सभाओं में होगी ‘धरती माता बचाओ समिति’ की विशेष बैठक; कटनी में उर्वरक सुरक्षा और किसानों की जागरूकता पर जोर








