तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम निबंध प्रतियोगिता क्विज प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम निबंध प्रतियोगिता क्विज प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
कटनी -प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आचार्य डॉक्टर सुनील कुमार बाजपेई की अध्यक्षता में कार्यक्रम अधिकारी डॉ माधुरी गर्ग के नेतृत्व में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कार्यक्रम जो 11 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 11 जनवरी 2027 तक आयोजित हो रहा है, इस कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय में निबंध प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता, व्याख्यान माला एवं डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन विद्यार्थियों के बीच में किया गया। व्याख्यान माला प्रतियोगिता में कुमारी काजल बीएससी प्रथम वर्ष प्रथम स्थान कुमारी अंकिता , द्वितीय स्थान, नेतराम को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ जबकि वाद विवाद प्रतियोगिता में साक्षी सोनी बीएससी द्वितीय वर्ष को प्रथम स्थान खुशी गुप्ता बा प्रथम वर्ष द्वितीय स्थान चंद्रभान यादव बा प्रथम वर्ष तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में मुस्कान चौधरी बीएससी द्वितीय वर्ष प्रथम स्थान अंजलि पटेल बा प्रथम वर्ष द्वितीय स्थान दिव्यांशी सिंह बीएससी प्रथम वर्ष तृतीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता मे शिवानंद तिवारीनेप्रथम स्थान राजा तिवारी मा प्रथम सेमेस्टर द्वितीय स्थान दीपक प्रजापति तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया संगोष्ठी में डॉक्टर माधुरी गर्ग ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास केवल आक्रमण और पुनर्निर्माण का नहीं बल्कि भारतीय समाज की अदम में आस्था और पुनरुत्थान की भावना का प्रतीक है। प्रतिभा त्रिपाठी ने कहा कि इतिहास को समझने के लिए हमें तथ्यों के साथ-साथ उसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों का भी अध्ययन करना चाहिए इस दृष्टि से हम सोमनाथ मंदिर और उसके सांस्कृतिक प्रभाव का अध्ययन करते हैं। डॉ विजय कुमार ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर हुआ आक्रमण भारतीय इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है, जिसने हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ नरेश कुलस्ते ने करते हुए कहा कि ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं हमें एक जुट और आत्म बल का संदेश देती हैं जिन्हें हमें वर्तमान और भविष्य में संजोग कर रखना चाहिए। छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचारों को रखा। नेतराम, राजा, दीपक, अंकित, काजल कुमारी ,आशीष ने भी अपने विचारों को रखा और इतिहास के विभिन्न अनछुए पहलुओ को उजागर किया और कार्यक्रम को संवादात्मक बनाया।अंत में डॉक्टर नरेश कुलस्ते ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक संवर्ग एवं विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।

