बंगाल के नए ‘दादा’ की सादगी: मुख्यमंत्री बनने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के पास न कार, न सोना; हलफनामे में संपत्ति देख रह जाएंगे दंग। पश्चिम बंगाल में आज एक नया इतिहास रचा जा रहा है। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद शुभेंदु अधिकारी अब राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है। लेकिन शपथ ग्रहण से पहले शुभेंदु अधिकारी का चुनावी हलफनामा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो उनकी सादगी की एक अलग ही कहानी बयां कर रहा है।
बंगाल के नए ‘दादा’ की सादगी: मुख्यमंत्री बनने जा रहे शुभेंदु अधिकारी के पास न कार, न सोना; हलफनामे में संपत्ति देख रह जाएंगे दंग
करोड़ों का राज्य, लेकिन जेब में सिर्फ ₹12,000
राज्य के नए मुखिया की कुल घोषित संपत्ति करीब ₹85.87 लाख है। चौंकाने वाली बात यह है कि उनके पास निवेश के नाम पर न तो सोना है और न ही उनके नाम पर कोई कार दर्ज है। हलफनामे के मुताबिक:
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नकद राशि: शपथ लेने जा रहे मुख्यमंत्री की जेब में घोषित नकद राशि मात्र ₹12,000 है।
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चल संपत्ति: करीब ₹24.57 लाख।
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अचल संपत्ति: ₹61.30 लाख (कृषि भूमि और फ्लैट)।
बैंक खातों और निवेश का विवरण
शुभेंदु अधिकारी के कुल 14 बैंक खाते हैं, जिनमें अलग-अलग बैंकों में कुल ₹7.34 लाख जमा हैं। उन्होंने अपना पैसा सुरक्षित निवेश के तौर पर LIC पॉलिसियों, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) और पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में लगाया है।
जमीन और घर: मिदनापुर से नंदीग्राम तक
अचल संपत्ति के तौर पर उनके पास पूर्वी मिदनापुर जिले में कृषि भूमि है। इसके अलावा तमलुक और कुमारपुर में उनके नाम पर फ्लैट और पुश्तैनी संपत्ति दर्ज है। सबसे खास बात यह है कि उन पर किसी भी तरह का बैंक लोन या सरकारी बकाया नहीं है।
‘जायंट किलर’ ने बदला बंगाल का भाग्य
2020 में टीएमसी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के चुनाव में खुद को ‘जायंट किलर’ साबित किया। उन्होंने ममता बनर्जी को सीधे मुकाबले में हराकर न केवल अपनी सीट जीती, बल्कि भाजपा को 207 सीटों के प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता की कुर्सी तक पहुँचाया।

