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शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर संगोष्ठी आयोजित

शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्याल में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती पर संगोष्ठी आयोजि

कटनी। स्थानीय पीएमसीओई (PMCOE) शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आज संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती के उपलक्ष्य में एक गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार वाजपेयी द्वारा गुरु रविदास जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
सांस्कृतिक एवं वैचारिक प्रस्तुति
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की छात्राओं ने गुरु रविदास जी के भक्तिमय भजनों की मधुर प्रस्तुति दी। इसके पश्चात डॉ. प्रतिमा त्रिपाठी ने गुरु रविदास के सुप्रसिद्ध गीतों और पदों का सस्वर पाठ किया।
आज के इस संगोष्ठी में प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार वाजपेयी ने गुरु रविदास की महिमा का वर्णन करते हुए कहा, “संत रविदास जी का जीवन ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ के सिद्धांत का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कर्म को ही पूजा माना और समाज को आंतरिक शुद्धता का मार्ग दिखाया।” आगे डॉ. माधुरी गर्ग (विभागाध्यक्ष, हिंदी) ने कहा, “रविदास जी की वाणी सामाजिक क्रांति का सूत्र है। उनकी सरल भाषा ने तत्कालीन समाज में व्याप्त कुरीतियों पर गहरा प्रहार किया, जो आज भी प्रासंगिक है।” डॉ. विजय कुमार ने संत रविदास के ‘बेगमपुरा’ के क्रांतिकारी विचार को साझा किया और बताया कि उनकी आध्यात्मिक महानता के कारण ही उनके पदों को ‘गुरु ग्रंथ साहब’ में शामिल किया गया है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सरदार दिवाकर, डॉ. अतुल कुमार, डॉ. संगीता बसरानी, डॉ. सुशील मिश्रा एवं आयुष तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे और अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भूमिका रही। मुख्य रूप से अवधराज, अंशुमान, नमिता, राजा, दीपक, सोनाली एवं सोनम कोरी सहित अन्य विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के सफल निर्वहन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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