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पेट की बीमारियों को कहें बाय-बाय- किचन में रखीं ये 5 चीजें बढ़ाएंगी ‘गुड बैक्टीरिया’, न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने बताए अचूक उपाय

पेट की बीमारियों को कहें बाय-बाय- किचन में रखीं ये 5 चीजें बढ़ाएंगी 'गुड बैक्टीरिया', न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने बताए अचूक उपाय

पेट की बीमारियों को कहें बाय-बाय- किचन में रखीं ये 5 चीजें बढ़ाएंगी ‘गुड बैक्टीरिया’, न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने बताए अचूक उपाय

न्यूज डेस्क: आजकल के दौर में लोग अपनी सेहत और खासकर ‘गट हेल्थ’ (Gut Health – आंतों का स्वास्थ्य) को लेकर काफी जागरूक हो रहे हैं। चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि शरीर में पनपने वाली 90% बीमारियों की मुख्य वजह हमारा खराब पेट और आंतों का अस्वस्थ होना है। हमारी आंतों में दो तरह के बैक्टीरिया होते हैं— गुड बैक्टीरिया (फायदेमंद) और बैड बैक्टीरिया (नुकसानदेह)।

मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक बेहद महत्वपूर्ण पोस्ट साझा कर बताया है कि महंगी दवाइयों के बजाय आप अपनी रसोई में रखी कुछ आम चीजों से नेचुरली (प्राकृतिक रूप से) आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ा सकते हैं। आइए जानते हैं इन 5 सुपरफूड्स के बारे में: पेट की बीमारियों को कहें बाय-बाय- किचन में रखीं ये 5 चीजें बढ़ाएंगी ‘गुड बैक्टीरिया’, न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा ने बताए अचूक उपाय

 लहसुन (Garlic): आंतों का सुरक्षा कवच

लहसुन सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि यह आंतों के लिए प्रीबायोटिक का काम करता है।

  • वैज्ञानिक कारण: लहसुन में एक विशेष प्रकार का फ्रुक्टन फाइबर पाया जाता है। इसे इंसानी शरीर सीधे तौर पर पचा नहीं पाता, लेकिन यह आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया का मुख्य भोजन बनता है, जिससे उनकी संख्या तेजी से बढ़ती है।

  • कैसे खाएं: रोज सुबह खाली पेट कच्चे लहसुन की एक कली पानी के साथ निगल सकते हैं, या फिर इसे अपने सलाद और हरी चटनी में शामिल कर सकते हैं।

 कच्चा प्याज (Raw Onion): पेट फूलने की समस्या से राहत

गट हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए कच्चे प्याज का सेवन रामबाण माना जाता है।

 कच्चा केला (Raw Banana): कोलन कोशिकाओं को बनाए मजबूत

पके हुए केले की तुलना में कच्चा केला पेट के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद होता है।

  • वैज्ञानिक कारण: कच्चे केले में प्रचुर मात्रा में रेसिस्टेंट स्टार्च (प्रतिरोधी स्टार्च) होता है। जब यह आंतों में जाता है, तो ‘ब्यूटिरेट’ (एक प्रकार का फैटी एसिड) पैदा करता है, जो कोलन (बड़ी आंत) की कोशिकाओं को मजबूत और स्वस्थ रखता है।

  • नोट: केला तब खाएं जब वह थोड़ा हरा और पूरी तरह कच्चा हो। पका हुआ केला रेसिस्टेंट स्टार्च खो देता है और सिंपल शुगर में बदल जाता है।

अंकुरित मूंग दाल (Sprouted Moong Dal): सूजन करेगी कम

मूंग की दाल को पचने में सबसे हल्की और पेट के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है।

  • वैज्ञानिक कारण: मूंग दाल में रेसिस्टेंट स्टार्च और घुलनशील (Soluble) फाइबर होते हैं, जो पेट के फायदेमंद सूक्ष्मजीवों (Microorganisms) को पोषण देते हैं और आंतों में सूजन (Inflammation) नहीं होने देते।

  • बेस्ट तरीका: मूंग दाल को अंकुरित (Sprout) करके खाने से इसके पोषक तत्व कई गुना बढ़ जाते हैं और इसका प्रीबायोटिक प्रोफाइल शरीर आसानी से सोख लेता है। इसे आप ताज़ा चाट या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं।

 रागी (Ragi): इम्यूनिटी बढ़ाए और वजन घटाए

मोटा अनाज (Millets) श्रेणी की रागी आंतों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

  • वैज्ञानिक कारण: रागी में भी हाई रेसिस्टेंट स्टार्च होता है, जो आंत में मौजूद अलग-अलग प्रजाति के बैक्टीरिया को पोषण देता है। आंत के माइक्रोबायोम (Microbiome) में जितनी विविधता होगी, आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) उतनी ही मजबूत होगी, हार्मोन संतुलित रहेंगे और वजन कंट्रोल करना आसान होगा।

  • कैसे खाएं: अपने दिन की शुरुआत रागी के गरमा-गरम और पौष्टिक दलिया के साथ करें।

– लाइफस्टाइल एवं हेल्थ डेस्क, यशभारत डॉट कॉम

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