पटना: सम्राट चौधरी का ‘सुपर 61’ फैसला: पटना जू से हटा संजय गांधी का नाम, 125 यूनिट मुफ्त बिजली और 9000+ नौकरियों का तोहफा। बिहार सरकार ने अपनी ताज़ा कैबिनेट बैठक में कई ऐतिहासिक फैसले लेते हुए राज्य की तस्वीर बदलने की कोशिश की है। जहाँ एक ओर गांधी परिवार के नाम से जुड़े संस्थानों के नाम बदले गए हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता के लिए राहतों की बौछार कर दी गई है।
1. नामों का बदला स्वरूप (Renaming)
सरकार ने ‘संजय गांधी’ के नाम से जुड़े दो बड़े संस्थानों की पहचान बदल दी है:
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संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क अब आधिकारिक तौर पर ‘पटना जू’ कहलाएगा।
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संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नया नाम ‘बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ होगा।
बता दें कि 1980 में स्थापित यह संस्थान डेयरी तकनीक की पढ़ाई के लिए राज्य का सबसे प्रमुख केंद्र है।
2. बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
नीतीश-सम्राट सरकार ने ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के लिए ₹23,165 करोड़ की भारी-भरकम राशि मंजूर की है।
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इसका सीधा फायदा जनता को मिलेगा— हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रहेगी।
3. शिक्षा और रोजगार की नई लहर
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा विकेंद्रीकरण (Decentralization) किया है:
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208 नए डिग्री कॉलेज: राज्य के उन ब्लॉकों में कॉलेज खुलेंगे जहाँ अब तक उच्च शिक्षा की कमी थी। इसके लिए ₹104 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
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9,152 नए पद: इन कॉलेजों के संचालन के लिए हजारों नई भर्तियों का रास्ता साफ हो गया है।
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मॉडल स्कूल: हर ब्लॉक में स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब वाला एक ‘मॉडल स्कूल’ बनाया जाएगा।
4. बुनियादी ढांचा और स्वास्थ्य (Infrastructure & Health)
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चार मेगा प्रोजेक्ट्स: गंगा अंबिका पथ, नारायणी पथ, विश्वामित्र पथ और गया में नए पुल के निर्माण को मंजूरी मिली है।
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NIFT पटना: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) के विस्तार के लिए नई जमीन आवंटित की गई है।
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ऑटिज्म सेंटर: पटना के गर्दनीबाग में विशेष बच्चों (ऑटिज्म पीड़ित) के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनेगा, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक सराहनीय कदम है।
5. सामाजिक कल्याण
सरकार ने दलित और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया है। SC/ST छात्रावासों में रहने वाले छात्रों का मासिक स्टाइपेंड (वजीफा) ₹1000 से सीधे ₹2000 कर दिया गया है।
इन 61 फैसलों के जरिए सरकार ने एक तरफ अपनी ‘राजनीतिक लाइन’ स्पष्ट की है, तो दूसरी तरफ मुफ्त बिजली और ब्लॉक स्तर पर शिक्षा पहुँचाकर अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश की है।

