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कटनी आउटर में ट्रेन मे महिला यात्री से लूट. मेरी सहेली और हेल्पलाइन 182 सिर्फ कागज़ों में, RPF-GRP मौन WCR व DRM जबलपुर जवाब दें

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कटनी आउटर में ट्रेन मे महिला यात्री से लूट. मेरी सहेली और हेल्पलाइन 139 सिर्फ कागज़ों में, RPF-GRP मौन WCR व DRM जबलपुर जवाब दे
कटनी। 13 अक्टूबर 2025 की रात ट्रेन 18247 बिलासपुर–रीवा एक्सप्रेस में महिला यात्री के साथ हुई लूट की वारदात ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, श्रीमती गूंजीता सिंह PNR 6458907368, कोच S2, बर्थ 65 ट्रेन के झलवारा आउटर एरिया में थीं, जब रात 1 से 2 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने उनका पर्स झपट लिया और अंधेरे में फरार हो गया। पर्स में नकद, सोना-चांदी के गहने और महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। घटना के बाद FIR तो दर्ज की गई, परंतु उसमें BNS 305(c) जैसी हल्की धारा लगाई गई है, जबकि मामला स्पष्ट रूप से लूट का है। परिजनों और यात्रियों का आरोप है कि यह गंभीर अपराध को कमज़ोर करने की कोशिश है, ताकि आँकड़े अच्छे दिखें और कार्रवाई कागज़ों तक सीमित रहे। रेलवे की महिला सुरक्षा पहल ‘मेरी सहेली’ और हेल्पलाइन 139 फिर सवालों के घेरे में हैं। पीड़िता के परिवार का कहना है कि मदद के लिए कई बार कॉल करने के बावजूद कोई त्वरित मदद नहीं मिली। घटना के बाद भी RPF-GRP कटनी/जबलपुर, DRM जबलपुर और WCR मुख्यालय की तरफ़ से कोई स्पष्ट या पारदर्शी कार्रवाई सामने नहीं आई है। पीड़िता ने की माँग की है कि FIR में लूट / Snatching की धाराएँ जोड़ी जाएँ।  आउटर क्षेत्र के CCTV फुटेज सुरक्षित किए जाएँ। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी जल्द हो, और पर्स व सामान बरामद किया जाए।
Nkj RPF-GRP व DRM जबलपुर अपनी जवाबदेही तय करें। मेरी सहेली’ और हेल्पलाइन 182 की जमीनी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। वही जनता का सवाल यह है कि “VIP को इंसाफ़ तुरंत, आम को इंतज़ार क्यों?” स्थानीय नागरिकों का कहना है कि VIP मामलों में कार्रवाई तेज़, लेकिन आम यात्रियों के मामलों में सिस्टम सुस्त रहता है। यह मामला सिर्फ़ एक महिला की लूट नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और जनविश्वास की परीक्षा बन गया है।इन सब के बीच सवाल सीधा है कि महिला सुरक्षा योजनाएँ सिर्फ़ पोस्टर और फाइलों में हैं या ज़मीन पर भी?
रेल प्रशासन अब जवाब दे कि कटनी आउटर जैसी संवेदनशील जगहों पर पेट्रोलिंग और निगरानी क्यों नहीं बढ़ाई गई।

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