वंदे मातरम् पर विपक्षी गठबंधन में दरार: श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला ने गाया पूरा राष्ट्रगीत, कांग्रेस ने जताई आपत्ति तो BJP ने साधा निशाना
वंदे मातरम् पर विपक्षी गठबंधन में दरार: श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला ने गाया पूरा राष्ट्रगीत, कांग्रेस ने जताई आपत्ति तो BJP ने साधा निशाना
श्रीनगर/नई दिल्ली (Yashbharat.com)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का श्रीनगर में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल के दौरान पूरे तीन मिनट तक खड़े होकर ‘वंदे मातरम्’ गाने का वीडियो सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने पूरे वंदे मातरम् के गायन पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे “कट्टरपंथियों के हाथ की कठपुतली” करार दिया है।
कांग्रेस की आपत्ति: केवल दो अंतरे गाने का प्रस्ताव
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर स्वतंत्रता सेनानियों के फैसलों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई:
-
समावेशी सोच के विपरीत: वेणुगोपाल के अनुसार, वंदे मातरम् का पूरा संस्करण उस बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष सोच के अनुरूप नहीं है जिसे आजादी के समय अपनाया गया था।
-
पार्टी की आधिकारिक लाइन: कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पार्टी केवल पहले दो अंतरे गाने की पक्षधर है ताकि इसे सांप्रदायिक रंग न दिया जा सके।
बीजेपी का पलटवार: ‘गठबंधन में भी अलग-थलग पड़ी कांग्रेस’
कांग्रेस के इस रुख पर बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने हमला बोलते हुए कहा कि जब कांग्रेस के अपने सहयोगी दल ही पूरे राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े हो रहे हैं, तो कांग्रेस को इस पर इतनी आपत्ति क्यों है।
विपक्षी सहयोगियों का अलग-अलग रुख
वंदे मातरम् के मुद्दे पर विपक्षी इंडिया गठबंधन में ही विरोधाभास देखने को मिल रहा है:
-
नेशनल कॉन्फ्रेंस: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पूरा गीत गाने के पक्ष में हैं और पहले भी इसकी पैरवी कर चुके हैं।
-
शिवसेना (UBT) व NCP (शरद गुट): इन्होंने कांग्रेस की कड़ी लाइन का समर्थन नहीं किया है।
-
तृणमूल कांग्रेस (TMC) व DMK: अनिवार्य किए जाने का विरोध करती हैं, लेकिन पूरा गीत गाने पर पूर्ण प्रतिबंध जैसी बात नहीं कहतीं।
-
समाजवादी पार्टी: राष्ट्रीय स्तर पर पूरे गीत के विरोध में नहीं है।
सोनिया गांधी के एक पुराने वीडियो के बाद उभरा यह विवाद अब और गहरा गया है। सहयोगियों के अलग-अलग रुख के चलते अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या राष्ट्रगीत के मुद्दे पर कांग्रेस राजनीतिक रूप से अकेली पड़ती जा रही है।







