नवजात के गृह प्रवेश के दौरान ‘RAJA IS BACK’ लिखा बैनर लगाया गया, जिसमें पूरे परिवार ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। भावुक पल भी देखने को मिले, जब राजा की भाभी हाथ में उनकी तस्वीर लिए दिखाई दी।
परिवार के लिए यह जन्म और भी खास इसलिए है क्योंकि राजा की हत्या और नवजात का जन्म ग्यारस के दिन, लगभग एक ही समय (राजा की हत्या दोपहर 2:40 बजे और बच्चे का जन्म दोपहर 2:42 बजे) में हुआ। इसे परिवार एक संकेत और चमत्कार मान रहा है।
राजा की मां उमा रघुवंशी ने कहा, “मेरा बेटा लौट आया है। जब मैं बच्चे को ‘राजा’ कहकर पुकारती हूं, उसकी प्रतिक्रिया मुझे मेरे बेटे की याद दिलाती है।” परिवार के लिए यह पल लंबे समय बाद खुशी और भावनात्मक संबल लेकर आया है।
