Thursday, May 28, 2026
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Rabbit ticket: बस में कंडक्टर ने खरगोश का ले लिया किराया, 150 रुपये के लिए बैठी जांच टीम

Rabbit ticket: बस में कंडक्टर ने खरगोश का ले लिया किराया, 150 रुपये के लिए बैठी जांच टीम।बरेली से बदायूं आ रही रोडवेज बस के कंडक्टर ने पिंजड़े में बंद दो खरगोशों के टिकट काट दिए. खरगोशों के पिंजड़े को युवक अपनी गोद में रखकर ला रहा था. इसकी शिकायत विभागीय अधिकारी से की गई है, उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं. खरगोश के टिकट काटने का मामला सुर्खियों में बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश के बरेली से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां रोडवेज बस के कंडक्टर ने पिंजड़े में बंद खरगोशों के टिकट काट दिए. दोनों खरगोशों को युवक अपने साथ घर लेकर जा रह था. उसने कंडक्टर से टिकट काटने का विरोध किया तो विवाद हो गया. पीड़ित युवक ने मामले की शिकायत रोडवेज अधिकारियों से की. मामले में जांच बैठाई गई है।

पीड़ित युवक खरगोशों को लेकर रोडवेज बस के जरिए बरेली से बदायूं जा रहा था. बस केपरिचालक ने खरगोश के दो टिकट 150 रुपए के काट दिए. इसकी शिकायत रोडवेज के अधिकारियों से की गई. इस पर बरेली डिपो के एआरएम ने जांच बैठा दी है. खरगोश का टिकट काटने का मामला इस वक्त सुर्खियों में बना हुआ है.

खरगोशों के काट दिए टिकट

दरअसल, शहर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले पारस अग्रवाल शनिवार को बरेली के कुतुबखाना से खरगोश को खरीदकर ला रहे थे. वह बदायूं आने के लिए बरेली रोडवेज बस अड्डे पहुंचे और बरेली डिपो की बस में बैठे थे. उन्होंने खरगोश के बच्चे का पिंजरा गोद में रख लिया था. इसके बावजूद परिचालक ने खरगोश के 75-75 रुपये के दो टिकट काट दिए. इतना ही नही तीसरा टिकट 75 रुपये का पारस अग्रवाल का भी काटा था. पारस अग्रवाल ने जब खरगोश के टिकट काटने को लेकर बहस की तो परिचालक लड़ने पर उतारू हो गया।

रोडवेज अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

बस में काफी देर तक यात्री और परिचालक के बीच विवाद होता रहा. पारस अग्रवाल ने खरगोश के टिकट काटने के बारे इसकी जानकारी अपने पशु मित्र विकेंद्र शर्मा को दी. उन्होंने परिवहन निगम के अधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी. अब अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करा दी है. इस मामले में बरेली डिपो के एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि खरगोश के काटे गए टिकट मेरे ऑफिस में पहुंच गए हैं. वह अभी बाहर हैं. ऑफिस आ कर दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा. अभी एक पक्ष ही सामने आया है. दूसरे पक्ष को सुनने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

 

 

 

 

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम