सौंतेले भाई के हत्यारे भाई को आजीवन कारावास, बरही कुटेश्वर की वारदात में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी की न्यायालय ने सुनाया फैसला

कटनी(YASHBHARAT.COM)। बरही थाना अंतर्गत कुटेश्वर क्षेत्र में दो वर्ष हुए एक हत्या के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कटनी की न्यायालय ने हत्या अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। फैसले के संबंध में जानकारी देते हुए मीडिया सेल प्रभारी सुरेन्द्र कुमार गर्ग ने बताया कि 30 जुलाई 2024 को फरियादी बरही थाना अंतर्गत ग्राम कुटेश्वर निवासी 42 वर्षीय संतोष यादव पिता स्वर्गीय बबली यादव ने थाना बरही में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि मेरी दो शादिया हुई है। पहली पत्नी से दो लडक़े एवं एक लडक़ी है एवं दूसरी पत्नी कमला बाई से एक लडक़ा सुमित यादव जिसकी उम्र 12 वर्ष 03 माह जन्म तिथि 23/04/2012 है एवं तीन लडकियां हैं। 29 जुलाई 2024 को मेरा पहली पत्नी का लडक़ा मनीष यादव काम करने बिना बताये बाहर चला गया है एवं दूसरी पत्नी का लडक़ा सुमित यादव भी उसी समय से घर में नहीं है। मैं मवेशी चराने गया था, जब शाम लगभग 6 बजे घर आया तो परिवार के लोग बताये कि सुमित यादव कहीं चला गया है । तब उसकी तलाश पतासाजी आस पड़ोस में व गांव एवं रिश्तेदारियों में फोन से पता किया। सुमित यादव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। बडे लडक़े मनीष यादव को रात में कई बार फोन लगाये तो वह फोन नही उठाया। फिर जब सुबह मनीष से बात हुई तो बताया कि काम करने अहमदाबाद आ गया हूं, सुमित यादव मेरे पास नही हैं। मेरे लडक़े सुमित की हुलिया रंग सांवला, कद करीबन 4 फीट, कत्थे रंग का लोवर एवं कत्थे रंग की शर्ट पहना है, कक्षा 7वीं में पढ़ रहा है। उसके सामने का ऊपर का एक दांत थोड़ा सा बाहर निकला है। मुझे शंका है कि मेरे लडके सुमित को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर कहीं भगा ले गया है। इस मामले में मुझे अपने बड़े लडके मनीष यादव पर भी शंका है। उक्त रिपोर्ट पर थाना बरही में अपराध क्रमांक 434/2024 धारा 137(2) बीएनएस अपराध पंजीबध्द किया गया। दौरान विवेचना फरियादी द्धारा लेख कराए गये संदेही मनीष यादव की तलाश की जाकर मुखबिर की सूचना पर संदेही मनीष यादव पिता संतोष यादव उम्र 20 साल को 31 जुलाई 24 को दस्तयाब कर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ में मनीष ने बताया कि मेरे पिता संतोष यादव जिनकी दो शादियां हुई हैं। पहली पत्नी रनिया बाई यादव जो मेरी मां है, दूसरी पत्नी का नाम कमला बाई है। मैं अपनी मां रनिया बाई, भाई रजनीश तथा बहन पूनम एक साथ में रहता हूं। सौतेली मां कमला को तीन लड़कियां व एक लडक़ा जिसका नाम सुमित उर्फ मोनू यादव उम्र 12 वर्ष का है। ये लोग पिता जी के साथ रहते हैं। पिता जी हम लोगो की कोई मदद नहीं करते है न हमे चाहते हंै। अक्सर मुझसे व मेरे परिवार से झगड़ा करते हैं। हम लोगो को हमेशा नीचा दिखाने का प्रयास करते है व मुझसे चिढते हैं। हमेशा टोका-टाकी करते हैं। सौतेले भाई सुमित व उसकी मां एवं उसकी बहन पर ज्यादा ध्यान देते है। सुमित को ज्यादा चाहते है। इन सब बातो को लेकर मेरे मन में खुन्नस भरी थी। मनीष ने आगे बताया कि 29 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच की बात है मैं अपने पुराने घर के आंगन में मोटर बंद करने के लिए आया था। जहां पर मुझे मोनू उर्फ सुमित मिला और कहने लगा कि ये घर तेरे बाप का है यहां क्यों आया है और गाली गलौज करने लगा, जिससे मुझे गुस्सा आ गया। मैंने गुस्से में आकर उसके गाल में लपाड़ा मारे और उसे खींचकर अपने पुराने घर की परछी में लाकर लात घूसो से मारा। मारते समय मेरे हाथ के लोहे का कड़ा उसकी नाक में लग गया और खून निकलने लगा, जिससे वह चिल्लाने लगा। मेरे मन में पहले से खुन्नस भरी थी तो मैने अपने गमछे से उसका गला दबाकर मार दिया। जिसे मैं मोर्चा मोड में पगरा रोड (बंजरिया) पहाड़ी की झाड़ी में फेक आया हूं। पूछताछ करने के बाद घटना की तस्दीक के संबंध मे घटना स्थल थाना बदेरा जिला मैहर का होने से सूचना थाना बदेरा को दिया गया एवं मौके पर मनीष यादव के निशानदेही पर मोर्चा मोड़ पगरा रोड बंजरिया पहाड़ी की झाड़ी में तलाश दौरान अपहृत बालक सुमीत यादव का शव बरामद किया गया। पीएम के बाद मनीष के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर मामला सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक द्वारा न्यायालय के समक्ष समस्त सारवान साक्षी, दस्तावेज एवं वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत कर आरोपी के विरुद्ध आरोप प्रमाणित कराया गया। विशेष लोक अभियोजक के लिखित तर्कों से सहमत होते हुये न्यायालय द्वारा आरोपी मनीष यादव को मृतक सुमित यादव की हत्या करने के अपराध के लिये धारा 103(1) बीएनएस में आजीवन कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड एवं धारा 238 बीएनएस में 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में आरोपी को सजा दिलाने में सहायक निदेशक जिला अभियोजन अधिकारी कटनी गणेश कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी हरिकृष्ण त्रिपाठी की विशेष भूमिका रही।








