मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की तैयारी: केंद्र को जाएगा विशेष प्रस्ताव, IPS संवर्ग में जुड़ेंगे 20 नए पद
मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की तैयारी: केंद्र को जाएगा विशेष प्रस्ताव, IPS संवर्ग में जुड़ेंगे 20 नए पद
मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की तैयारी: केंद्र को जाएगा विशेष प्रस्ताव, IPS संवर्ग में जुड़ेंगे 20 नए पद
भोपाल: मध्य प्रदेश पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा प्रशासनिक कसावट लाने के लिए राज्य सरकार भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के पदों में बढ़ोतरी करने जा रही है। राज्य शासन की ओर से वर्ष 2027 में होने वाले कैडर रिव्यू के लिए केंद्र सरकार को एक विशेष प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जिसके बाद प्रदेश में IPS के करीब 20 पद बढ़ सकते हैं।
वर्तमान में मध्य प्रदेश में IPS संवर्ग (Cadre) के कुल 319 पद स्वीकृत हैं।
अंतराल के कारण 5 साल पीछे चल रहा है कैडर रिव्यू
नियमों के मुताबिक, हर पांच वर्ष में राज्यों के पुलिस कैडर का रिव्यू (पुनरीक्षण) किया जाना अनिवार्य है। हालांकि, मध्य प्रदेश में समय-समय पर आए अंतराल (Delay) के कारण यह प्रक्रिया अपने नियमित चक्र से करीब पांच वर्ष पीछे चल रही है। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह रिव्यू नियमित रूप से समय पर होता, तो अब तक एक और रिव्यू पूरा हो चुका होता और प्रदेश को 15 से 20 अतिरिक्त IPS अधिकारी पहले ही मिल चुके होते। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की तैयारी: केंद्र को जाएगा विशेष प्रस्ताव, IPS संवर्ग में जुड़ेंगे 20 नए पद!
कैडर रिव्यू का अब तक का इतिहास (कब-कब हुआ रिव्यू):
गृह विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में IPS कैडर रिव्यू का सफर कुछ इस तरह रहा है:
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1998: समय पर कैडर रिव्यू हुआ।
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2003: नियमानुसार 5 वर्ष के अंतराल पर हुआ।
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2010: यह रिव्यू 2008 में होना था, लेकिन 2 साल की देरी से 2010 में हो सका।
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2015: यह रिव्यू अपने तय समय पर हुआ।
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2022: अगला रिव्यू 2020 में होना था, लेकिन देरी के चलते यह 2022 में संपन्न हुआ।
आखिर क्यों पड़ती है IPS के पदों को बढ़ाने की जरूरत?
गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, कैडर रिव्यू के दौरान पदों की संख्या तय करने के कुछ खास मापदंड होते हैं। मध्य प्रदेश में पद बढ़ाने के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
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नए जिलों का गठन: प्रदेश में हाल के वर्षों में बने नए जिलों में कमान संभालने के लिए नए कप्तानों (SP) की आवश्यकता।
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नई पुलिस इकाइयां: सुरक्षा और तकनीकी जांच के लिए गठित की गईं नई पुलिस विंग और इकाइयां।
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कानून-व्यवस्था: आबादी के अनुपात में राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जरूरत।








