नई दिल्ली: आगामी भविष्य के लक्ष्यों और देश में बड़े नीतिगत सुधारों को गति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक की। करीब 11 महीने के लंबे वक्त के बाद हुई इस केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता खुद पीएम मोदी ने की। लगभग चार घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए।इस बैठक में क्या चर्चा हुई और सरकार का अगला रोडमैप क्या है, इसकी पूरी जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करके साझा की है।
‘एक्स’ पर पीएम मोदी ने क्या कहा? (Ease of Living & Ease of Doing Business)
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर बैठक को बेहद सार्थक बताया। उन्होंने लिखा:
“मंत्रिपरिषद की कल एक सार्थक बैठक हुई। हमने लोगों के जीवन को और सुविधाजनक बनाने (Ease of Living), कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने तथा ‘विकसित भारत’ के अपने साझा सपने को साकार करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने से जुड़े विचारों और सर्वोत्तम तौर-तरीकों पर चर्चा की।”
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की ‘सुधार एक्सप्रेस’ ने प्रशासनिक व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिनका सीधा फायदा देश के आम नागरिकों को मिल रहा है।
अंदरूनी सूत्रों के हवाले से: मंत्रियों को पीएम मोदी के 4 कड़े संदेश
इस 4 घंटे की बैठक के दौरान पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों को शासन चलाने और फाइलों को निपटाने को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
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1. अतीत को भूलें, अब 2026 है और लक्ष्य भविष्य का हो: सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने मंत्रियों से साफ कहा कि यह समय आगे देखने का है, न कि अतीत में किए गए कार्यों में उलझे रहने का। सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन अब साल 2026 चल रहा है, इसलिए पूरा ध्यान भविष्य के नए लक्ष्यों और बड़ी उपलब्धियों पर केंद्रित होना चाहिए।
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2. 2047 तक ‘पूर्ण विकसित राष्ट्र’ का संकल्प: प्रधानमंत्री ने पूरी मंत्रिपरिषद के सामने लक्ष्य दोहराया कि भारत को साल 2047 (आजादी के 100 साल पूरे होने) तक हर हाल में एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाना है और सभी मंत्रालयों को इसी विजन के साथ नीतियां तैयार करनी होंगी।
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3. जनता के जीवन में सरकारी हस्तक्षेप न हो: पीएम मोदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आम लोगों के दैनिक जीवन में सरकार का किसी भी तरह का गैर-जरूरी हस्तक्षेप या रुकावट नहीं होनी चाहिए। मंत्रियों को हरसंभव कदम उठाने चाहिए ताकि जनता को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।
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4. काम में देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं: प्रधानमंत्री ने शासन (Governance) और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन (Execution) पर जोर देते हुए सख्त हिदायत दी कि सरकारी कामकाज और फाइलों की आवाजाही में किसी भी स्तर पर देरी (Zero Delay) नहीं होनी चाहिए।
इस साल की पहली और सबसे महत्वपूर्ण बैठक
यह साल 2026 में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की पहली बैठक थी, इसलिए इसे बेहद खास माना जा रहा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बैठक के जरिए पीएम मोदी ने देश में और बड़े व कड़े आर्थिक-प्रशासनिक सुधारों (Systemic Reforms) को हरी झंडी दे दी है। आने वाले दिनों में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज और नई सरकारी योजनाओं में इसकी बड़ी झलक देखने को मिल सकती है। PM Modi Council of Ministers Meeting: 11 महीने बाद पीएम मोदी की मंत्रिपरिषद के साथ 4 घंटे की मैराथन बैठक; मंत्रियों को दिया ‘2047 विकसित भारत’ का महामंत्र

