पन्ना: रिश्वतखोर पूर्व नायब तहसीलदार और चौकीदार को 5-5 साल की जेल, जब्त ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी घूस
Panna Corruption Case: पूर्व नायब तहसीलदार और चौकीदार को 5-5 साल की जेल, कोर्ट का बड़ा फैसला

पन्ना: रिश्वतखोर पूर्व नायब तहसीलदार और चौकीदार को 5-5 साल की जेल, जब्त ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी घूस
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ न्यायालय ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। पन्ना के गुनौर में पदस्थ रहे पूर्व प्रभारी/नायब तहसीलदार रविशंकर शुक्ला और उनके चौकीदार देवीदयाल दहायत को विशेष अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में दोषी करार देते हुए 5-5 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
शुक्रवार को विशेष न्यायालय ने दोनों दोषियों पर सजा के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी ठोका है। यह पूरा मामला साल 2020 का है, जहाँ एक किसान के जब्त ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले घूस मांगी गई थी।
खेत से ईंट बनाने की मिट्टी ले जा रहा था किसान
सरकारी वकील मानवेंद्र सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना साल 2020 की है। सिली गांव के निवासी बृजबिहारी प्रजापति अपने खेत से ईंट बनाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली में मिट्टी भरकर ले जा रहे थे।
तभी तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने रास्ते में ट्रैक्टर को रोक लिया और अवैध परिवहन का आरोप लगाते हुए उसे जब्त कर थाने में खड़ा करवा दिया।
ट्रैक्टर छोड़ने के बदले मांगी थी रिश्वत
इसके बाद जब्त ट्रैक्टर को बिना कानूनी कार्रवाई के छोड़ने के बदले तहसीलदार और उसके चौकीदार द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। पीड़ित किसान ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की, जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया था।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायालय ने दोनों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत दोषी पाया और 5-5 साल की जेल की सजा सुनाई।








