शेयर बाजार में हाहाकार: 330 मिनट में स्वाहा हुए ₹9 लाख करोड़, सेंसेक्स 1200+ अंक टूटा; ये हैं तबाही के 5 मुख्य कारण
मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार के दौरान चौतरफा बिकवाली का भारी तांडव देखने को मिला। दिन के शुरुआती 45 मिनट तक हरे निशान में कारोबार करने के बाद 10 बजे के बाद बाजार धड़ाम हो गया। सेंसेक्स अपने दिन के उच्च स्तर से 1,289 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी 417 अंक से ज्यादा गिर गई। इस चौतरफा गिरावट के कारण महज 330 मिनट के भीतर निवेशकों की संपत्ति से ₹9.13 लाख करोड़ से अधिक साफ हो गए।
बाजार में तबाही के आंकड़े (सेंसेक्स और निफ्टी का हाल)
| इंडेक्स | दिन का पीक (Peak) | निचला स्तर / वर्तमान | कुल गिरावट (अंकों में) |
| सेंसेक्स (BSE Sensex) | 75,369.63 | 74,080.47 | -1,289.16 अंक |
| निफ्टी (NSE Nifty) | 23,592.85 | 23,175.00 | -417.85 अंक |
| BSE M-Cap (निवेशकों का नुकसान) | ₹4,81,92,523 करोड़ | ₹4,72,79,214 करोड़ | -₹9,13,308 करोड़ (-₹2,727 करोड़/मिनट) |
गिरावट की 5 सबसे बड़ी वजहें
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US बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल: 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 2023 के बाद पहली बार 5% के पार निकल गई है, जिससे वैश्विक इक्विटी बाजारों से पैसा निकलकर डेट मार्केट की तरफ भाग रहा है।
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कच्चे तेल में आग ($108 के पार): ईरान-यूएस और मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल $108 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे वैश्विक महंगाई का खतरा गहरा गया है।
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फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने का डर: अमेरिकी सेंट्रल बैंक (Fed) द्वारा महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी करने की आशंका बढ़ गई है।
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भू-राजनीतिक तनाव (ईरान-यूएस टकराव): होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी क्षेत्र में जहाजों व एयरबेस पर हमलों के बाद वैश्विक अनिश्चितता और सप्लाई चेन संकट गहरा गया है।
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प्राइमरी मार्केट (IPO) में लिक्विडिटी का खिंचाव: इस हफ्ते NSE और हीरो मोटर्स जैसे ₹24,574 करोड़ के 11 बड़े IPO खुले हैं, जिससे सेकेंडरी मार्केट (शेयर बाजार) से भारी नकदी खींच ली गई है। शेयर बाजार में हाहाकार: 330 मिनट में स्वाहा हुए ₹9 लाख करोड़, सेंसेक्स 1200+ अंक टूटा; ये हैं तबाही के 5 मुख्य कारण








