राहत समर्पण सेवा समिति की पहल पर डॉ. रजनीश ने किया रक्तदान गर्भवती महिला को मिली मद
कटनी। विजयराघवगढ़ मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश करते हुए राहत समर्पण सेवा समिति द्वारा संचालित राहत रक्तदान निस्वार्थ सेवा परिवार के माध्यम से एक गर्भवती महिला को समय पर रक्त उपलब्ध कराया गया जानकारी के अनुसार पूजा सिंह 29 वर्ष खून की कमी हीमोग्लोबिन लगभग 5-6 ग्राम से पीड़ित हैं और वर्तमान में जिला अस्पताल कटनी में भर्ती हैं। डॉक्टरों द्वारा उन्हें रक्त चढ़ाने की सलाह दी गई थी। इस संबंध में सूचना डॉ. विनोद कुमार बीएमओ सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ द्वारा राहत रक्तदान निस्वार्थ सेवा परिवार के संचालक एवं राहत समर्पण सेवा समिति के अध्यक्ष शारदा प्रसाद साहू को दी गई।बताया गया कि महिला के परिजन और पति रक्तदान करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे जिससे मरीज को समय पर रक्त मिलना मुश्किल हो रहा था स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शारदा प्रसाद साहू ने तुरंत समिति के जिला स्वास्थ्य समन्वयक डॉ. रजनीश सूर्यवंशी से संपर्क किया।मानव सेवा की भावना से डॉ. रजनीश सूर्यवंशी ने ब्लड बैंक कटनी पहुंचकर रक्तदान किया जिसके बाद गर्भवती महिला को रक्त उपलब्ध कराया गया और उसके उपचार में सहायता मिल सकी। डॉ. रजनीश सूर्यवंशी प्रगति फिजियोथेरेपी कटनी के संचालक भी हैं और सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रिय रहते हैं। उल्लेखनीय है कि वे अब तक 20 से अधिक बार रक्तदान कर मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत कर चुके हैं पूरे मामले में डॉ. विनोद कुमार बीएमओ सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ की संवेदनशीलता और सक्रियता भी सराहनीय रही। बताया जाता है कि वे स्वयं इस केस पर लगातार नजर बनाए हुए थे और गर्भवती महिला की स्थिति को देखते हुए तुरंत मदद के लिए प्रयास कर रहे थे। डॉ. विनोद कुमार हमेशा से ही समाज हित के कार्यों में आगे रहते हैं और जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार व सहयोग दिलाने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी पहल और सूचना के कारण ही राहत समर्पण सेवा समिति तक यह मामला पहुंच सका और समय रहते रक्त की व्यवस्था हो सकी। समिति के सदस्यों ने भी डॉ. विनोद कुमार की संवेदनशीलता और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित चिकित्सक समाज के लिए प्रेरणा होते हैं जो अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर मानव सेवा का कार्य करते हैं समिति के अध्यक्ष शारदा प्रसाद साहू ने कहा कि राहत समर्पण सेवा समिति हमेशा ऐसे लोगों की मदद के लिए आगे आती रही है जिनका साथ मुश्किल समय में उनके अपने भी छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में जब पता चला कि गर्भवती महिला के पति ने भी रक्तदान करने से मना कर दिया है तब यह महसूस हुआ कि अगर अब कोई आगे नहीं आया तो उस महिला के साथ खड़ा होने वाला कोई नहीं रहेगा।
उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के समय खून की कमी मां और बच्चे दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है इसलिए समिति ने मानवता को सर्वोपरि रखते हुए तुरंत मदद करने का निर्णय लिया। शारदा प्रसाद साहू ने भावुक शब्दों में कहा कि हमारा मानना है कि जब किसी की जिंदगी का सवाल हो तब नियमों से ज्यादा जरूरी इंसानियत होती है। अगर समय पर रक्तदान नहीं होता तो आगे चलकर उस महिला को बड़ी परेशानी हो सकती थी। उन्होंने कटनी जिले के सभी रक्तमित्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जब भी किसी जरूरतमंद को रक्त की आवश्यकता हो तो बिना हिचक आगे आकर मदद करें। क्योंकि रक्तदान केवल एक यूनिट खून देना नहीं है बल्कि किसी के जीवन को बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है।
