OBC Reservation भोपाल । अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत और निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक का जो आदेश दिया गया है, उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। कांग्रेस के नेताओं ने ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने पैरवी की थी। सरकार इसमें पूरे मामले में कहीं भी नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीधे राज्य निर्वाचन आयोग को आदेश दिए हैं और उसने सरकार से सात दिन में ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को रि-नोटिफाइड (पुन:अधिसूचित) करने के लिए कहा है। सरकार सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रह है। यह बात नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने रविवार को अपने निवास पर पिछड़ा वर्ग के विभिन्न् संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में कही।
उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट मानना है कि पंचायत हो या नगरीय निकाय चुनाव, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। मध्य प्रदेश में 2003 में भाजपा सरकार ने ओबीसी को आरक्षण देने का निर्णय लिया था और उसी आधार पर अभी तक चुनाव हो रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने महाराष्ट्र का उदाहरण दिया था, उस आधार पर ही मध्य प्रदेश के पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी। न्यायालय अपने मन से कोई निर्णय नहीं करता है। इससे साफ है कि कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विरोधी है। हम प्रयास कर रहे हैं कि पिछड़ा वर्ग को आरक्षण मिलना चाहिए। इसके लिए सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को सीधा निर्देश दिया है।
आयोग ने भी सरकार से अभिमत नहीं मांगा बल्कि सीधे सात दिन में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षित सीटों को पुन: अधिसूचित करने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण शून्य करने के लिए कहा है। भाजपा सरकार पिछड़ा वर्ग के हित में काम कर रहे हैं। नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर नियुक्तियां की हैं। सरकार ने ओबीसी की सामाजिक, शैक्षिणक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग गठित किया है।
ओबीसी वर्ग कर सकता है चुनाव का बहिष्कार
उन्होंने कहा कि वोबीसी के विभिन्न् संगठनों का ऐसा कहना है कि यदि हमारे हितों की अनदेखी है तो फिर चुनाव में भाग नहीं लेंगे और बहिष्कार करेंगे। हम विभिन्न् संगठनों से चर्चा कर रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी की भूमिका सुनिश्चित होनी चाहिए।


















