NSE Market Report: मार्च तिमाही में भारतीय निवेशकों के डूबे ₹12.6 लाख करोड़; FPI हिस्सेदारी 17 साल के निचले स्तर पर, पर SIP ने रचा इतिहास

मुंबई/नई दिल्ली: ग्लोबल मार्केट में जारी उथल-पुथल और विदेशी निवेशकों (FIIs/FPIs) की ताबड़तोड़ बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार ने हाल के वर्षों की सबसे खराब तिमाहियों में से एक का सामना किया है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा जारी ताजा ‘मार्केट प्लस रिपोर्ट’ के अनुसार, मार्च तिमाही के दौरान देश के निवेशकों की इक्विटी वेल्थ (संपत्ति) में करीब ₹12.6 लाख करोड़ की भारी कमी दर्ज की गई है।

चौथी तिमाही (Q4) में उतार-चढ़ाव इस कदर हावी रहा कि भारतीय बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स Nifty 50 में 10 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

 आखिर क्यों ताश के पत्तों की तरह टूटा शेयर बाजार?

बाजार विश्लेषकों और एनएसई की रिपोर्ट के अनुसार, इस महागिरावट के पीछे 4 सबसे बड़े वैश्विक कारण रहे:

FPI हिस्सेदारी 17 साल के निचले स्तर पर, ₹76.5 लाख करोड़ पर आई घरेलू इक्विटी

डायरेक्ट स्टॉक के बजाय म्यूचुअल फंड और SIP पर बढ़ा भरोसा

रिपोर्ट से भारतीय रिटेल निवेशकों के व्यवहार को लेकर एक बेहद दिलचस्प और मैच्योर ट्रेंड भी सामने आया है:

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