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रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले: अब सीहोर में भी रुकेगी इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस, भोपाल जाने का झंझट खत्म

रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले: अब सीहोर में भी रुकेगी इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस, भोपाल जाने का झंझट खत्म

रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले: अब सीहोर में भी रुकेगी इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस, भोपाल जाने का झंझट खत्म

भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा और राहतभरा कदम उठाया गया है। गाड़ी संख्या 22191/22192 इंदौर-जबलपुर-इंदौर ओवरनाइट एक्सप्रेस का सीहोर रेलवे स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव (Experimental Stoppage) शुरू कर दिया गया है। रेलवे का यह फैसला न सिर्फ सीहोर बल्कि राजधानी भोपाल के रेल यात्रियों और स्टेशन प्रबंधन के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है।

भोपाल स्टेशन को मिलेगी भीड़ से मुक्ति

अब तक सीहोर, आष्टा, शुजालपुर और इसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के अधिकांश यात्रियों को जबलपुर या इंदौर जाने के लिए मजबूरन पहले सड़क मार्ग से भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ता था।रेल यात्रियों की बल्ले-बल्ले: अब सीहोर में भी रुकेगी इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस, भोपाल जाने का झंझट खत्म

इसके चलते भोपाल स्टेशन पर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ लगातार बढ़ रही थी। यात्रियों को भोपाल स्टेशन पर भारी ट्रैफिक, पार्किंग की समस्या, लंबी कतारों में टिकट लेने और प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़भाड़ जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब सीहोर में ही इस ट्रेन के रुकने से भोपाल स्टेशन पर यात्रियों का यह अतिरिक्त दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

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स्थानीय यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचेगा

सीहोर में इस ओवरनाइट एक्सप्रेस के प्रायोगिक ठहराव से क्षेत्र के यात्रियों को अब भोपाल तक की अतिरिक्त दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

इस ठहराव के मुख्य फायदे:

  • सीधे सीहोर से बोर्डिंग: बड़ी संख्या में यात्री अब अपने नजदीकी स्टेशन सीहोर से ही सीधे ट्रेन पकड़ सकेंगे।
  • बेहतर सुविधाएं: भोपाल स्टेशन पर भीड़ कम होने से वहाँ के स्थानीय यात्रियों को भी प्लेटफॉर्म और परिसर में बेहतर माहौल व सुविधाएं मिल सकेंगी।
  • परेशानी से निजात: यात्रियों को अब भोपाल स्टेशन की पार्किंग और टिकट खिड़की पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी।

रेलवे बोर्ड के मुताबिक, फिलहाल इस ट्रेन का सीहोर में प्रायोगिक ठहराव शुरू किया गया है, जिसकी सफलता और यात्रियों की संख्या (Footfall) को देखने के बाद इसे भविष्य में स्थायी ठहराव में बदला जा सकता है।

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