स्कूलों में पंखा नहीं, पानी नहीं, शिक्षक गायब: भारत में उठी ‘Gen Alpha’ की पहली बड़ी विरोध लहर
स्कूलों में पंखा नहीं, पानी नहीं, शिक्षक गायब: भारत में उठी ‘Gen Alpha’ की पहली बड़ी विरोध लहर
नई दिल्ली: कभी स्कूल की अव्यवस्थाओं की शिकायतें प्रिंसिपल के दफ्तर या माता-पिता तक ही सीमित रहती थीं, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। देश के विभिन्न राज्यों में स्कूली बच्चे अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में 14 साल से कम उम्र के बच्चे अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर रहे हैं। इसे देश में ‘Gen Alpha Protest’ की पहली बड़ी और व्यापक विरोध लहर माना जा रहा है।
इन बच्चों की मांगें किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं, बल्कि स्कूल की रोजमर्रा की सुविधाओं जैसे- पानी, पंखा, शौचालय, शिक्षक, मिड-डे मील और पक्की सड़क से जुड़ी हैं।
विभिन्न राज्यों से सामने आईं प्रमुख तस्वीरें
- उत्तर प्रदेश (फतेहपुर व हमीरपुर): फतेहपुर के किशनपुर स्थित सर्वोदय इंटर कॉलेज के करीब 1,500 छात्रों ने बिजली, पंखे, गंदे शौचालय और लाइब्रेरी की कमी को लेकर 5 घंटे तक प्रदर्शन किया। वहीं, हमीरपुर में स्कूली बच्चों ने कीचड़ भरे रास्ते से निजात पाने के लिए 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली और पक्की सड़क की मांग की।
- बिहार (गया): सिमुआरा मिडिल स्कूल के 40 से अधिक छात्र खराब मिड-डे मील, गंदे शौचालय और टूटे हैंडपंप की शिकायत लेकर 4 किलोमीटर पैदल चलकर सीधे SDM कार्यालय पहुंच गए।
- राजस्थान (बाड़मेर व जालौर): विषयों के शिक्षकों की भारी कमी से परेशान छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी की।
- मध्य प्रदेश (सिरोंज व उज्जैन): सिरोंज में छात्राओं ने स्कूल बस का किराया 10 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये किए जाने पर आंदोलन किया, जबकि उज्जैन में स्कूल के मर्जर के खिलाफ छात्राएं सीधे कलेक्टर दफ्तर पहुंचीं।
- महाराष्ट्र: राज्य के कई इलाकों में गंदे शौचालय, पीने के पानी की किल्लत और शिक्षकों के खाली पदों के खिलाफ बच्चे सड़कों पर उतरे।
प्रदर्शन का दिख रहा है तात्कालिक असर
बच्चों के इस अभूतपूर्व आंदोलन का प्रशासनिक स्तर पर तुरंत असर भी देखने को मिल रहा है:
- फतेहपुर: प्रशासन ने तुरंत बिजली वायरिंग सुधारने, पंखे और डेस्क-बेंच की व्यवस्था का भरोसा दिया।
- बिहार: SDM ने शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया।
- राजस्थान: विरोध के तुरंत बाद स्कूलों में तीन नए शिक्षकों की तैनाती की गई।
- मध्य प्रदेश: छात्राओं के विरोध के बाद बढ़ा हुआ बस किराया वापस घटाकर 10 रुपये कर दिया गया।
क्या है Gen Alpha और कितनी है इनकी आबादी?
2010 से 2020 के मध्य पैदा हुए बच्चों को आमतौर पर Gen Alpha की श्रेणी में रखा जाता है। भारत में 0 से 14 वर्ष के आयु वर्ग को यदि इसका आधार माना जाए, तो 2026 के अनुमानों के अनुसार इनकी आबादी लगभग 32.7 करोड़ से 39 करोड़ के बीच है। हालांकि यह वोट देने की उम्र में नहीं पहुंचे हैं, लेकिन अपने अधिकारों को लेकर जागरूक इस पीढ़ी ने प्रशासनिक तंत्र को सोचने पर मजबूर कर दिया है। स्कूलों में पंखा नहीं, पानी नहीं, शिक्षक गायब: भारत में उठी ‘Gen Alpha’ की पहली बड़ी विरोध लहर Samudrik Shastra: स्त्री के माथे की बनावट में छिपा है उसके भाग्य का राज; जानिए कौन से लक्षण बनाते हैं सौभाग्यशाली







