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सराफा धोखाधड़ी मामले में नया मोड़: अब सचिन सोनी ने SP कार्यालय पहुंचकर दी शिकायत, लगाए धमकी और झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप

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सराफा धोखाधड़ी मामले में नया मोड़: अब सचिन सोनी ने SP कार्यालय पहुंचकर दी शिकायत, लगाए धमकी और झूठे मुकदमे में फंसाने के आरो

कटनी। शहर के सराफा बाजार में सोने-चांदी के व्यापारिक लेन-देन को लेकर सामने आए कथित धोखाधड़ी के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। शेर चौक स्थित देवा ज्वेलर्स के संचालक राकेश सोनी द्वारा आजाद चौक निवासी सचिन सोनी पर सोने के जेवर, नकदी और नकली चांदी के जरिए धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए जाने के बाद अब सचिन सोनी भी खुलकर सामने आ गया है। उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय कटनी में लिखित आवेदन सौंपा है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विधि अनुसार जांच कराए जाने और संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

 

गोल्डी सोनी पर जबरन ब्याज और रकम के लिए दबाव बनाने का आरोप

पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में सचिन सोनी ने सूर्यकांत सोनी उर्फ गोल्डी सोनी, संचालक श्री हरि आभूषण, तथा राकेश सोनी, संचालक देवा ज्वेलर्स को अनावेदक बनाया है। सचिन का आरोप है कि उसने वर्ष 2019 से सोने का कारोबार शुरू किया था और वर्ष 2020 में गोल्डी सोनी के संपर्क में आने के बाद उसके साथ व्यापारिक लेन-देन शुरू हुआ। यह कारोबार वर्ष 2023-24 तक चला।

सचिन के मुताबिक, वह गोल्डी सोनी को गोल्ड फाइन उपलब्ध कराता था और माल देने के बाद उसकी कीमत प्राप्त करता था। इसी दौरान दोनों के बीच मौखिक रूप से सोने का भाव तय हुआ था। सचिन का आरोप है कि इसी व्यापारिक लेन-देन के दौरान माल और पैसे पकड़े जाने की एक घटना हुई, जिसके कारण वह तयशुदा सौदे के अनुसार सोना उपलब्ध नहीं करा पाया। इसके बाद गोल्डी सोनी द्वारा उस समय तय किए गए भाव और वर्तमान बाजार भाव के अंतर की रकम मांगी जाने लगी। सचिन का आरोप है कि उससे इस अंतर की रकम पर 10 से 15 प्रतिशत तक ब्याज भी मांगा गया और कुछ समय तक उसने भुगतान किया, लेकिन आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर वह रकम देने में असमर्थ हो गया।

 

परिवार को बर्बाद करने और ट्रक से कुचलवाने की धमकी देने का आरोप

आवेदन में सचिन सोनी ने आरोप लगाया है कि सोने के भाव बढ़ने के बाद गोल्डी सोनी द्वारा वर्तमान बाजार भाव के हिसाब से अंतर की रकम मांगी जाने लगी। सचिन का कहना है कि वह इस रकम का भुगतान करने की स्थिति में नहीं था, क्योंकि माल पकड़े जाने की घटना के बाद उसने अपना कारोबार बंद कर दिया था।

उसने यह भी आरोप लगाया कि गोल्डी सोनी कई बार उसके घर पहुंचा और उसे तथा उसके परिवार को बर्बाद करने एवं ट्रक से कुचलवाने जैसी धमकियां दीं। सचिन के अनुसार, इसी विवाद के चलते 18 जनवरी 2024 को कुछ युवकों के माध्यम से उसे रास्ते में रोककर जानलेवा हमला करवाया गया था। इस मामले में उसके द्वारा शिकायत किए जाने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया है और प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है।

 

नकली चांदी और जेवर देने के आरोपों को बताया निराधार

सचिन सोनी ने अपने आवेदन में देवा ज्वेलर्स के संचालक राकेश सोनी द्वारा लगाए गए आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया है। उसका कहना है कि जिस चांदी और आभूषणों को लेकर धोखाधड़ी की शिकायत की गई है, उनका उससे कोई लेना-देना नहीं है। सचिन ने आरोप लगाया कि पुराने विवाद और न्यायालय में लंबित मामले के चलते उसे दबाव में लेने तथा मुकदमा वापस लेने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

उसने यह भी आरोप लगाया कि गोल्डी सोनी और राकेश सोनी द्वारा उसे तथा उसके परिवार को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। सचिन ने पुलिस से मांग की है कि शिकायतकर्ताओं से संबंधित सोने के जेवर और चांदी के दस्तावेजी साक्ष्य एवं जांच रिपोर्ट प्राप्त की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और वह अपना पक्ष रख सके।

 

SP से निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग

सचिन सोनी ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने, अपने ऊपर लगाए गए आरोपों की सत्यता की पड़ताल करने तथा कथित तौर पर धमकी देने और झूठे मामले में फंसाने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उसने स्वयं और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई है।

गौरतलब है कि इससे पहले देवा ज्वेलर्स के संचालक राकेश सोनी ने सचिन सोनी पर सोने के जेवर लेकर राशि वापस नहीं करने, नकली चांदी अमानत के रूप में रखने और गिरवी रखे जेवरों की शुद्धता में गड़बड़ी करने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली थाने में शिकायत की थी। अब सचिन सोनी की ओर से सामने आए आवेदन के बाद यह मामला दो पक्षों के बीच पुराने व्यापारिक लेन-देन, कथित आर्थिक विवाद, धमकी और धोखाधड़ी के परस्पर विरोधी आरोपों तक पहुंच गया है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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