जबलपुर । 1 मई 2026: जबलपुर में साइबर क्राइम का नया खेल: अवैध ऑनलाइन कंटेंट बेचकर कमा रहा था लाखों, पुलिस ने किया भंडाफोड़।संस्कारधानी में कानून व्यवस्था के सामने दो नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। खितौला पुलिस ने जहाँ सरकारी धन के गबन के मामले में एफआईआर दर्ज की है, वहीं साइबर सेल ने ऑनलाइन अपराध के एक नए मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।
जबलपुर में साइबर क्राइम का नया खेल: अवैध ऑनलाइन कंटेंट बेचकर कमा रहा था लाखों, पुलिस ने किया भंडाफोड़
1. पंचायत संगठन में गबन: अध्यक्ष पर ₹6.60 लाख की हेराफेरी का आरोप
जनपद पंचायत सिहोरा के अंतर्गत आने वाले पंचशील ग्राम संगठन में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला प्रकाश में आया है।
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आरोपी: संगठन की अध्यक्ष कंचन नामदेव।
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धोखाधड़ी का तरीका: अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए संगठन के सरकारी खाते से राशि निजी हितों के लिए निकाली।
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राशि का विवरण: * ₹4.20 लाख: खुद के नाम पर आहरित किए।
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₹2.00 लाख: अन्य संदिग्ध खातों में ट्रांसफर किए।
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₹40 हजार: नकद राशि का गबन किया।
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कार्रवाई: खितौला थाना पुलिस ने जांच के बाद अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और गबन की गई राशि की रिकवरी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
2. ऑनलाइन कंटेंट का अवैध धंधा: साइबर सेल की कार्रवाई
शहर में एक युवक द्वारा अवैध ऑनलाइन कंटेंट (Illegal Digital Content) बेचकर मोटी कमाई करने का मामला भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक कॉपीराइट कंटेंट और अन्य प्रतिबंधित सामग्री को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेच रहा था। पुलिस यह जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन शहरों से जुड़े हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
इन दोनों घटनाओं ने मॉनिटरिंग सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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पंचायत स्तर पर ऑडिट: ग्राम संगठनों के खातों का नियमित ऑडिट क्यों नहीं हुआ?
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साइबर निगरानी: ऑनलाइन कंटेंट के अवैध व्यापार को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
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