सर्वहित की निष्काम सेवा का नया अध्याय: बाबा माधवशाह चिकित्सालय के नवनिर्माण फेस-1 का भव्य शुभारम्भ,आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा चिकित्सालय
सर्वहित की निष्काम सेवा का नया अध्याय: बाबा माधवशाह चिकित्सालय के नवनिर्माण फेस-1 का भव्य शुभारम्भ,आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा चिकित्साल
कटनी। मानव सेवा को ही माधव सेवा मानने वाली दिव्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए माधवनगर स्थित बाबा माधवशाह चिकित्सालय के नवनिर्माण फेस-1 का भव्य शुभारम्भ 28 जून 2026 को परम देव जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी के कर-कमलों से संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजसेवी, श्रद्धालु एवं विभिन्न नगरों से आए सतगुरु सेवक उपस्थित रहे।
माधवनगर क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जीवनमुक्त सतगुरु बाबा नारायणशाह साहिब जी ने 21 अप्रैल 1985 को बाबा माधवशाह चिकित्सालय की स्थापना का संकल्प लिया था। सतगुरु बाबा गोविन्दशाह जी के मार्गदर्शन में निर्मित इस चिकित्सालय का लोकार्पण 15 फरवरी 1991 को हुआ। तब से यह संस्थान न्यूनतम शुल्क पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए हजारों जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हुआ है।
वर्षों से चिकित्सालय द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा शिविर, दवा वितरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण जैसी जनकल्याणकारी सेवाएं संचालित की जा रही हैं। कटनी, जबलपुर, नागपुर, रायपुर, मुंबई और दिल्ली सहित देश के विभिन्न शहरों से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक यहां अपनी सेवाएं प्रदान करते रहे हैं। साथ ही भारत सरकार की आयुष्मान योजना के तहत पात्र मरीजों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से चिकित्सालय को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। नवनिर्माण के प्रथम चरण में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, उत्कृष्ट ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक उपचार व्यवस्थाएं तथा रोगी-केंद्रित सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके माध्यम से वे चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी, जिनके लिए मरीजों को अब तक सैकड़ों किलोमीटर दूर बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
शुभारम्भ अवसर पर सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी ने चिकित्सालय के नवीन स्वरूप का अवलोकन कर प्रबंधन को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के आदर्श को आत्मसात करते हुए निष्काम भाव से मानव सेवा करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सर्वहित की निस्वार्थ सेवा ही सच्ची सेवा है और यही सतगुरु परंपरा का मूल संदेश है।
उन्होंने सतगुरु बाबा नारायणशाह साहिब जी के जनकल्याणकारी योगदानों का स्मरण करते हुए कहा कि उनके आदर्श, करुणा, सेवा और मानव कल्याण की भावना आज भी समाज को प्रेरित कर रही है। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही मानवता की सच्ची सेवा की जा सकती है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बाबा माधवशाह चिकित्सालय अब केवल एक स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का जीवंत प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर उपचार के साथ आत्मीयता, सम्मान और विश्वास का अनुभव करेगा।
चिकित्सालय का यह नवीन स्वरूप आने वाले वर्षों में लाखों लोगों के लिए स्वास्थ्य, आशा और मुस्कान का नया केंद्र बनेगा तथा जनसेवा की उस दिव्य परंपरा को और अधिक सशक्त करेगा, जिसकी नींव सतगुरु संतों ने मानव कल्याण के उद्देश्य से रखी थी।








