Neelam Stone Wearing Rules: शनि के सबसे शक्तिशाली रत्न नीलम को पहनने के क्या हैं नियम? जानें उंगली, धातु, शुभ राशि और अनुकूलता जांचने का तरीका
Neelam Stone Wearing Rules: शनि के सबसे शक्तिशाली रत्न नीलम को पहनने के क्या हैं नियम? जानें उंगली, धातु, शुभ राशि और अनुकूलता जांचने का तरीका
कटनी/भोपाल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ाने और जीवन की परेशानियों को कम करने के लिए रत्नों को धारण किया जाता है। इन्हीं रत्नों में नीलम को शनि ग्रह का सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली रत्न माना जाता है, जो मुख्य रूप से शनि दोष दूर करने के लिए पहना जाता है।
हालांकि, नीलम हर व्यक्ति के लिए शुभ साबित हो, यह जरूरी नहीं है। गलत तरीके से धारण करने पर इसके विपरीत परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। इसलिए इसे पहनने से पहले अपनी कुंडली किसी योग्य ज्योतिषी को दिखाना और सही नियमों का पालन करना अनिवार्य है।
नीलम धारण करने के मुख्य नियम
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किस उंगली में पहनें: नीलम रत्न को दाहिने हाथ (या मुख्य कार्य करने वाले हाथ) की मध्यमा उंगली में पहनना सबसे शुभ माना जाता है, क्योंकि इस उंगली का संबंध शनि ग्रह से है।
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किस दिन व समय पहनें: इसे शनिवार के दिन सुबह 5:00 से 7:00 बजे के बीच या शाम को सूर्यास्त के बाद पहनना चाहिए। पहनने से पहले अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध किया जाता है।
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किस धातु में जड़वाएं: नीलम को चांदी, पंचधातु या प्लैटिनम में पहनना शुभ होता है। चूंकि सोना सूर्य का प्रतीक है और शनि-सूर्य में शत्रुता मानी जाती है, इसलिए इसे पीले सोने में पहनने से बचना चाहिए।
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खरीदने का शुभ समय: नीलम रत्न खरीदने और धारण करने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। इसे शुक्ल पक्ष में सुबह सूर्योदय के समय या शनि की होरा में खरीदना व पहनना लाभकारी होता है।
किन राशियों के लिए शुभ और किसे बचना चाहिए?
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इन राशियों के लिए शुभ: मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए नीलम धारण करना शुभ होता है, क्योंकि इन राशियों के स्वामी शनि देव हैं। इसके अलावा वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए भी यह रत्न शुभ माना जाता है।
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इन्हें पहनने से बचना चाहिए: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों को नीलम पहनने से बचना चाहिए, क्योंकि इन राशियों के स्वामियों के साथ शनि का शत्रु संबंध होता है।
नीलम रत्न के फायदे
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सही व्यक्ति के लिए नीलम तुरंत धन, पद और मान-प्रतिष्ठा बढ़ाता है।
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यह धारण करने वाले के आसपास एक सकारात्मक ऊर्जा का कवच तैयार करता है।
कैसे पता करें कि नीलम सूट कर रहा है या नहीं?
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जांचने का आसान तरीका: एक छोटे नीलम को नीले या सफेद कपड़े में बांधकर अपनी बाजू पर बांध लें, या इसे 3 दिन तक अपनी शर्ट की जेब में या तकिए के नीचे रखकर सोएं।
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शुभ संकेत: यदि इस दौरान आपको बुरे सपने न आएं, मन शांत रहे और बेचैनी महसूस न हो, तो यह रत्न आपके अनुकूल माना जाता है।
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सूट न करने के लक्षण: अगर नीलम अनुकूल नहीं है, तो पहनने के 24 से 72 घंटों के भीतर बहुत गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, आंखों में तकलीफ या मानसिक तनाव जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर नीलम तुरंत उतार देना चाहिए और ज्योतिषी से सलाह लेनी चाहिए।








