एक्टिंग ही नहीं, शूटिंग में भी ‘नटसम्राट’ थे नाना पाटेकर: 55 की उम्र में जीता था नेशनल मेडल; 200 मीटर दूर बोतल के ढक्कन पर लगाते थे सटीक निशाना
विशेष रिपोर्ट (यशभारत.कॉम): 8 अक्टूबर 2026 की सुबह दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (75) के अचानक निधन की खबर से पूरा देश शोक में है। गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के भरसक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
नाना पाटेकर को दुनिया एक बेबाक और दमदार अभिनेता के रूप में जानती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वे राइफल शूटिंग (निशानेबाजी) के भी मंझे हुए खिलाड़ी थे। उन्होंने न सिर्फ राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, बल्कि देश के लिए मेडल भी जीते।
40 की उम्र के बाद जागा निशानेबाजी का जुनून
नाना पाटेकर ने शूटिंग की शुरुआत किसी कम उम्र के एथलीट की तरह नहीं, बल्कि 40 की उम्र पार करने के बाद की थी।
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अवॉर्ड सेरेमनी से बढ़ा शौक: नाना पाटेकर ने अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब उन्हें शूटिंग प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया जाता था, तो वहाँ उन्हें अलग-अलग बंदूकें चलाने का मौका मिलता था। यहीं से उनकी दिलचस्पी बढ़ी और उन्होंने अभ्यास शुरू किया।
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सटीक निशाना: अभ्यास करते-करते उनका निशाना इतना अचूक हो गया था कि वे मिनरल वाटर की बोतल के छोटे से ढक्कन तक पर सटीक निशाना लगा लेते थे।
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49 की उम्र में प्रतिस्पर्धा: वर्ष 2001 में (49 वर्ष की उम्र में) उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन और 300 मीटर बिग-बोर प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा लेना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने पुणे के बालेवाड़ी और महू (इंदौर) की शूटिंग रेंज में हफ़्तों पसीना बहाया।
फिल्म ‘प्रहार’ और सेना की ट्रेनिंग का असर
वर्ष 1991 में आई उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘प्रहार’ में कमांडो की भूमिका निभाने के लिए नाना पाटेकर ने भारतीय सेना के साथ कड़ा प्रशिक्षण लिया था। सेना के अनुशासन और हथियारों के उस अनुभव ने आगे चलकर उनकी प्रोफेशनल राइफल शूटिंग में बड़ी भूमिका निभाई।
55 की उम्र में जीता नेशनल मेडल
नाना पाटेकर की लगन का परिणाम राष्ट्रीय मंच पर भी दिखा:
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सिल्वर मेडल (2004): इंदौर की BSF रिओटी रेंज में आयोजित 48वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में 300 मीटर बिग-बोर स्पर्धा में उन्होंने सिल्वर मेडल (रजत पदक) जीता।
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ब्रॉन्ज मेडल (2007): लगभग 56 वर्ष की उम्र में उन्होंने महाराष्ट्र की राइफल शूटिंग टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) अपने नाम किया।
पूरा देश स्तब्ध
8 अक्टूबर की सुबह गोवा में आए अचानक कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ सुबह 5:20 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिनेमा से लेकर समाज सेवा और खेल के मैदान तक अपनी अलग छाप छोड़ने वाले ‘नटसम्राट’ नाना पाटेकर को पूरा देश नम आंखों से याद कर रहा है।

