Site icon Yashbharat.com

देशव्यापी मेडिकल स्ट्राइक: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद; 24 घंटे की हड़ताल शुरू

देशव्यापी मेडिकल स्ट्राइक: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद; 24 घंटे की हड़ताल शुरू

देशव्यापी मेडिकल स्ट्राइक: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद; 24 घंटे की हड़ताल शुरू

देशव्यापी मेडिकल स्ट्राइक: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद; 24 घंटे की हड़ताल शुरू। देश के करोड़ों मरीजों और आम जनता के लिए आज का दिन परेशानी भरा हो सकता है। ऑनलाइन दवा बिक्री (E-Pharmacy) के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए आज बुधवार (20 मई) को देशभर के केमिस्ट और ड्रगिस्ट 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) के इस आह्वान के बाद देश के कोने-कोने में आज सुबह से ही मेडिकल स्टोरों के शटर गिरे हुए हैं।

रोम में गूंजा ‘मोदी-मोदी’, जॉर्जिया मेलोनी ने फोटो पोस्ट कर लिखा- ‘Welcome My Friend’; आज होगी द्विपक्षीय वार्ता

देशव्यापी मेडिकल स्ट्राइक: ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में आज देशभर में मेडिकल स्टोर बंद; 24 घंटे की हड़ताल शुरू

संगठन का साफ तौर पर कहना है कि इंटरनेट के जरिए बिना सख्त नियमों के धड़ल्ले से बेची जा रही दवाइयां न सिर्फ मौजूदा कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ भी एक बड़ा खिलवाड़ है।

क्यों हो रही है इतनी बड़ी हड़ताल?

अखिल भारतीय दवा विक्रेता संगठन (AIOCD) ने ऑनलाइन दवा बिक्री की वैधता और उसके नियमों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन की मुख्य मांगें और आपत्तियां निम्नलिखित हैं:

AIOCD के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेएस शिंदे ने कहा: > “हाल ही में शुरू हुई ऑनलाइन दवा बिक्री मौजूदा नियमों की धज्जियां उड़ा रही है। इसके लिए जिस तरह के मजबूत आईटी बुनियादी ढांचे (IT Infrastructure) की जरूरत है, उसका देश में पूरी तरह अभाव है। ऐसी स्थिति में सरकार को तुरंत एक सख्त और नई नियामक रूपरेखा (Regulatory Framework) तैयार करनी चाहिए, अन्यथा यह हड़ताल आगे और उग्र हो सकती है।”

मरीजों के लिए आपातकालीन व्यवस्था

हालांकि संगठन ने आश्वासन दिया है कि इस 24 घंटे की हड़ताल के दौरान आम जनता को होने वाली भारी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं बहाल रखी जाएंगी।

अपील: आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे आज बहुत जरूरी होने पर ही नजदीकी अस्पताल के फार्मेसी काउंटर का रुख करें और नियमित इस्तेमाल होने वाली दवाओं की खरीद के लिए कल तक का इंतजार करें।

Exit mobile version