शासकीय कन्या महाविद्यालय में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन, छात्राओं ने ली राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की शप
कटनी। शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को सरदार वल्लभभाई पटेल के महान व्यक्तित्व, राष्ट्र के प्रति उनके योगदान, दृढ़ संकल्प एवं देश की एकता और अखंडता के प्रति उनके समर्पण से परिचित कराना तथा उनमें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव एवं देशभक्ति की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान सर्वप्रथम सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन एवं व्यक्तित्व पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से छात्राओं को उनके संघर्षपूर्ण जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका तथा स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात देशी रियासतों के एकीकरण में उनके ऐतिहासिक योगदान की जानकारी दी गई। छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से यह जाना कि किस प्रकार सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता एवं कुशल नेतृत्व के बल पर अनेक रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है। भारत की विविध भाषाएं, संस्कृतियां, परंपराएं एवं धर्म हमारी पहचान हैं और इन विविधताओं के बीच एकता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत उपस्थित प्राध्यापकों एवं छात्राओं को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। सभी ने संकल्प लिया कि वे देश की एकता एवं अखंडता को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करेंगे तथा राष्ट्र की एकता की भावना को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज में सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश प्रसारित करेंगे।
कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, संगठित एवं समरस भारत के निर्माण में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया।

