Murrah Buffalo: प्रतिदिन 30 लीटर दूध देती है इस नस्ल की भैंस, मोटी कमाई के लिए यहाँ जानें इन भैंसो की पहचान एवं खासियत

Murrah Buffalo: भारत में खेती किसानी के साथ-साथ पशुपालन करने वाले किसानों के लिए मुर्रा भैंस अपरिचित नहीं है मुर्रा भैंस प्रतिदिन 30 लीटर तक दूध देती है। यही कारण है कि यह भैंस मार्केट में अधिक दाम पर बिकती है। मुर्रा भैंस की उत्पत्ति हरियाणा एवं पंजाब राज्य से हुई है इसके बाद यह भैंस अपनी विशेषताओं के कारण पूरे भारत में फैल गई। अगर आप भी इस नस्ल की भैंस से मोटी कमाई करना चाहते है तो यहाँ जानें मुर्रा भैंस की पहचान एवं खासियत के बारे में..

डेरी बिज़नेस के लिए उपयुक्त है मुर्रा भैंस

खेती किसानी के साथ-साथ पशुपालन एवं डेयरी व्यवसाय से अधिक लाभ कमाने के लिए भैंस पालन के जरिए अपना डेयरी बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो मुर्रा भैंस सबसे अधिक उपयुक्त मानी जाती है। जिसके जरिए किसान खेती और पशुपालन करके अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं। भैंस का दूध गाय के दूध की तुलना में अधिक पसंद किया जाता है, क्योंकि ये अधिक गाढ़ा होता है। इसी कारण से देश भर में इन नस्लों की भैंसों खूब पाला जाता है, ताकि उनके दूध से अच्छा मुनाफा कमाया जा सके।

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अधिक डिमांड होने के कारण बेहद मशहूर है मुर्रा भैंस

देश विदेश में मशहूर मुर्रा भैंस की डिमांड अधिक होने के कारण कई बार किसान इस भैंस की पहचान करने में धोखा खा जाते हैं। बता दे कि, भैंस की इस नस्ल की उत्पत्ति भारत के हरियाणा और पंजाब राज्य से हुई है। जहां इसे भिवानी , हिसार , रोहतक , जिंद , झझर , फतेहाबाद और गुड़गांव जैसे जिलों में पाला जाता है। इसके अलावा देश की राजधानी दिल्ली मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में भी इसका खूब पालन किया जाता है। अपनी खूबियों के कारण धीरे-धीरे भैंस की यह नस्ल पूरे भारत में मशहूर हो गई।

Murrah Buffalo: प्रतिदिन 30 लीटर दूध देती है इस नस्ल की भैंस, मोटी कमाई के लिए यहाँ जानें इन भैंसो की पहचान एवं खासियत

मुर्रा भैंस की पहचान

पहचान की बात करे तो, भैंस की इस नस्ल के सींग जलेबी की तरह घुमावदार होते हैं। रंग की बात करें तो भैंस की इस नस्ल का रंग काला होता है। मुर्रा भैंस का सिर छोटा और पूंछ लंबी होती है साथ ही इसका पिछला हिस्सा सुविकसित होता है। इस भैंस का सिर, पूंछ और पैर पर सुनहरे रंग के बाल भी मिलते हैं। वैसे तो यह भैंस भारत के सभी क्षेत्रों में पाई जाती है। लेकिन, ज्यादातर इसका पालन दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में किया जाता है।

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मुर्रा भैंस के गर्भाधान की अवधि

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मुर्रा भैंस की यह नस्ल विश्व की सबसे अच्छी भैंस की दुधारू नस्ल है। मुर्रा भैंस के गर्भाधान की अवधि करीब 310 दिन की होती है। अगर इसकी अच्छी देखभाल की जाए तो ये भैंस हर दिन 20 से 30 लीटर तक दूध दे सकती है। यही कारण है कि इस भैंस की डिमांड अधिक रहती है, जिसके कारण यह अधिक दाम पर बिकती है।

मुर्रा भैंस की कीमत

मुर्रा भैंस को उन्नत नस्लों में से एक माना जाता है, जो अपनी दूध उत्पादन क्षमता के लिए देश भर में प्रसिद्ध है। यही वजह है कि देश में बड़ी संख्या में पशुपालक इस भैंस का पलान करते हैं। जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होता है। वही अगर कीमत की बात करे तो, मुर्रा भैंस अपने दूध उत्पादन क्षमता के कारण काफी ऊंचे दामों पर बिकती है। अगर इसकी कीमत की बात करें तो एक मुर्रा भैंस की कीमत 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक होती है।

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