सूरजमुखी की खेती कर लाखों रुपये कमा सकते अधिक पैदावार के ये उपाय कर ले जानिए खेती का तरीका
सूरजमुखी की खेती कर लाखों रुपये कमा सकते अधिक पैदावार के ये उपाय कर ले जानिए खेती का तरीका इस राज्य में किसान लगभग 7.94 लाख हेक्टेयर में सूरजमुखी की खेती करते हैं. इसके बाद आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और बिहार का स्थान आता है. खास बात यह है कि सूरजमुखी से खाद्य तेल बनाया जाता है. अभी मार्केट में सूरजमुखी का एमएसपी 6,760 रुपये प्रति क्विंटल है. ऐसे पूरे भारत में सूरजमुखी का रकबा करीब 15 लाख हेक्टेयर है।
सूरजमुखी बोने की प्रक्रिया
संकुल प्रजाति के लिए 12 से 15 किलो और संकर प्रजाति के लिए 5 से 6 किलो बीज प्रति हेक्टेयर इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही खरपतवार को नियंत्रित करने के लिए बुवाई के 25 से 30 दिन बाद निराई- गुड़ाई कर सकते हैं. इसके अलावा राशायनिक विधि का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए पेन्डीमेथलीन 30 ईसी की 3.3 लीटर की मात्रा 800 लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार कर लें।
बसंतकालीन फसल की सिंचाई बुवाई के 20 से 25 दिन बाद करें. इसके बाद आप 10 से 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई कर सकते हैं. वहीं, 95 से 105 दिन में फसल पककर तैयार हो जाती है. इसके बाद आप कटाई कर सकते हैं. अगर आप ऊपर बताए गए विधि से खेती करते हैं, तो पैदावार में बढ़ोतरी होगी।
सूरजमुखी के पौधे और फूल जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उसे सहारा की जरूरत पड़ती है. इसलिए यूरिया का छिड़काव करने के बाद पौधों की जड़ों तक 10 से 15 सेंटीमीटर तक मिट्टी चढ़ा दें. अगर खड़ी फसल में दीमक दिखाई दे, तो क्लोरोपायरीफास 20 ग्राम ईसी की 2 से तीन लीटर दवा प्रति हेक्टेयर छिड़काव कर सकते हैं. अगर आप चाहें, तो खाद के रूप में गोबर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आप प्रति हेक्टेयर 4 टन गोबर भी डाल सकते हैं।