MP To Become Model State: धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में ‘मॉडल स्टेट’ बनेगा मध्य प्रदेश; वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर महाकाल और ओंकारेश्वर में बदलेंगी व्यवस्थाएं
MP To Become Model State: धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में 'मॉडल स्टेट' बनेगा मध्य प्रदेश; वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तर्ज पर महाकाल और ओंकारेश्वर में बदलेंगी व्यवस्थाएं
जम्मू/भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक विजन साझा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन (Crowd Management), सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और सुविधाजनक दर्शन कराने के मामले में मध्य प्रदेश को देश का ‘मॉडल स्टेट’ बनाया जाएगा।
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जम्मू में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कही, जहां वे माता वैष्णो देवी धाम में दर्शन और वहां के श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के लिए एक विशेष सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे थे।
वैष्णो देवी क्यों पहुंचा MP सरकार का दल? जानें मुख्य कारण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल श्री जगमोहन द्वारा स्थापित ‘श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड’ की व्यवस्थाएं पूरी दुनिया में अपनी तकनीकी और संगठित प्रबंधन के लिए जानी जाती हैं। मध्य प्रदेश का दल वहां निम्नलिखित बिंदुओं का गहन अध्ययन करने गया है:
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24 घंटे रियल-टाइम ट्रैकिंग: वैष्णो देवी में हर श्रद्धालु का ऑनलाइन रिकॉर्ड और 24 घंटे ट्रैकिंग होती है, इसे एमपी के मंदिरों में भी लागू किया जाएगा।
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सामाजिक सेवा प्रकल्प: श्राइन बोर्ड द्वारा वहां यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज और कई सेवा संस्थान चलाए जाते हैं। एमपी सरकार भी अपने बड़े देवस्थानों के माध्यम से ऐसे ही जन-कल्याणकारी शैक्षणिक और स्वास्थ्य प्रकल्प शुरू करने की योजना बना रही है।
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अत्याधुनिक विकास: इस दौरे से प्राप्त अनुभवों और प्रतिनिधिमंडल के सुझावों के आधार पर महाकाल और ओंकारेश्वर सहित अन्य धामों में अत्याधुनिक और कोड-बेस्ड नॉर्म्स विकसित किए जाएंगे।
उज्जैन, ओंकारेश्वर और भोजशाला सहित इन तीर्थों का बदलेगा स्वरूप
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अध्ययन का सीधा लाभ मध्य प्रदेश के उन प्रमुख पूजा स्थलों को मिलेगा जहां हर साल करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं:
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श्री महाकालेश्वर देवस्थान (उज्जैन): भव्य ‘श्री महाकाल लोक’ के निर्माण के बाद अब सिंहस्थ 2028 के दिव्य आयोजन के लिए करीब 30,000 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचे और भीड़ प्रबंधन के अभूतपूर्व निर्माण कार्य जारी हैं।
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श्री ओंकारेश्वर धाम: यहां लगभग 3,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से ‘एकात्म धाम’ (Statue of Oneness) आकार ले रहा है, जहां देश का प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र विकसित किया जा रहा है।
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श्री राजाराम लोक (ओरछा): बुंदेलखंड के अयोध्या कहे जाने वाले ओरछा में राजा राम लोक का निर्माण कार्य भी पूरी गति से चल रहा है।
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भोजशाला (धार): हाल ही में माननीय हाई कोर्ट द्वारा मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में मान्यता प्राप्त धार की ऐतिहासिक भोजशाला में भी आने वाले समय में आवश्यक नागरिक सेवाओं और सुरक्षा का विस्तार किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के धार्मिक विकास का मेगा बजट एक नजर में
| धार्मिक स्थल/आयोजन | आगामी और जारी मास्टर प्रोजेक्ट्स | अनुमानित बजटीय लागत |
| सिंहस्थ 2028 (उज्जैन) | भव्य एवं दिव्य महाकुंभ के लिए बुनियादी ढांचा विकास | ₹30,000 करोड़ |
| एकात्म धाम (ओंकारेश्वर) | आदि शंकराचार्य की प्रतिमा और वैश्विक वेदांत संस्थान | ₹3,000 करोड़ |
| श्री राजाराम लोक (ओरछा) | सांस्कृतिक कॉरिडोर और सुगम भव्य प्रवेश द्वार | तीव्र गति से जारी |
| नया प्रबंधन मॉडल | ‘वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड’ की तर्ज पर हाई-टेक सुरक्षा | अध्ययन दल की रिपोर्ट के बाद लागू |








