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MP पुलिस ने किया डकैत कालिया को मारने का दावा पर वह जेल में बन्द मिला, फिर कौन मरा जानिए

gun goli bandook

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ग्वालियर। डकैत कालिया उर्फ बृजकिशोर को मुठभेड़ में मारने का दावा किया, लेकिन वह जेल में बंद था। एक परिवार लगातार तभी से दावा कर रहा है कि कालिया की जगह उनके बेटे खुशाली राम को पुलिस ने मारा है, लेकिन पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही। हालांकि ग्वालियर हाईकोर्ट ने गुरुवार को याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें फर्जी एनकाउंटर मामले में मारे गए निर्दोष व्यक्ति की मां ने केस की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी। याचिका खारिज करने के पीछे लंबा वक्त बीत जाना बताया गया है। वहीं, पुलिस पर लापरवाही को लेकर जुर्माने की राशि बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है।

गौरतलब है कि पुलिस ने डकैत कालिया उर्फ बृजकिशोर को मुठभेड़ में मारने का दावा किया, लेकिन वह जेल में बंद है। वहीं, एक परिवार लगातार तभी से दावा कर रहा है कि कालिया की जगह उनके बेटे खुशाली राम को पुलिस ने मारा है, लेकिन पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही। वे दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

ग्वालियर के डबरा में रहने वाले एक परिवार का है, आरोप है कि इस परिवार के तीन युवकों को 22 अप्रैल 2005 को कथित रूप से डबरा पुलिस उठाकर ले गई थी। परिजनों का कहना है कि पूछताछ के बाद में दो युवकों को तो पुलिस ने छोड़ दिया, लेकिन खुशाली राम नामक युवक को नहीं छोड़ा। परिवार वाले अफसरों के चक्कर काटते रहे, लेकिन खुशाली का कोई पता नही चला। 5 फरवरी 2007 को समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि पुलिस ने मुठभेड़ में डकैत कालिया उर्फ बृजकिशोर को मार दिया। अखबार में छपे फोटो देखकर खुशाली राम की मां ने पहचान लिया कि वह उसके बेटे का शव है। उसने इस मामले में पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने उसका नाम खुशाली उर्फ कालिया लिख दिया।

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