Latest

MP पटवारी तबादला: ‘डिजिटल कड़ाई’ के बीच प्रशासनिक फेरबदल, जानें किसे मिली राहत और किसे झटका

MP पटवारी तबादला: 'डिजिटल कड़ाई' के बीच प्रशासनिक फेरबदल, जानें किसे मिली राहत और किसे झटका

MP पटवारी तबादला: ‘डिजिटल कड़ाई’ के बीच प्रशासनिक फेरबदल, जानें किसे मिली राहत और किसे झटका

भोपाल: मध्य प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए राजस्व विभाग ने कमर कस ली है। वर्ष 2026 की नई तबादला नीति के तहत प्रदेश भर में पटवारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस बार का फेरबदल केवल एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके पीछे ‘डिजिटल गवर्नेंस’ और पारदर्शिता का एक बड़ा संदेश है।

​आइए समझते हैं इस नए प्रशासनिक फेरबदल के मायने और इसके मुख्य बिंदु:

​’मैनुअल एप्रोच’ खत्म, 100% ऑनलाइन व्यवस्था

​इस बार के तबादलों में सबसे बड़ी बात यह रही कि मंत्रियों या विधायकों की ‘सिफारिशी चिट्ठियों’ की जगह पूरी तरह डिजिटल एल्गोरिदम और ऑनलाइन आवेदनों को प्राथमिकता दी गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब ऑफलाइन या बैकडेट में कोई भी ट्रांसफर आर्डर मान्य नहीं होगा।

​ किसे मिली प्राथमिकता? (राहत की खबर)

​प्रशासनिक कड़ाई के बीच मानवीय आधार पर कई पटवारियों को बड़ी राहत दी गई है:

  • गंभीर बीमारी से ग्रसित: कैंसर या किडनी जैसी गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे पटवारियों को उनके गृह जिले या नजदीकी क्षेत्र में प्राथमिकता दी गई है।
  • पारिवारिक सामंजस्य: महिला पटवारियों (विशेषकर विधवा, परित्यक्ता या नवविवाहित) और ऐसे कर्मचारी जिनके पति/पत्नी पहले से किसी अन्य सरकारी सेवा में हैं, उनके मामलों को संवेदनशीलता से निपटाया गया है।
  • म्यूचुअल ट्रांसफर: समान कैडर के दो कर्मचारियों के आपसी तालमेल (पारस्परिक सहमति) वाले आवेदनों को बिना किसी देरी के मंजूरी मिली है।

​दागी और नए पटवारियों को ‘नो एंट्री’ (झटका)

​इस नीति में कुछ कड़े प्रावधान भी शामिल हैं:

  • जांच के दायरे में आए कर्मचारी: जिन पटवारियों के खिलाफ विभागीय जांच (DE), लोकायुक्त या आर्थिक अपराध विंग (EOW) में मामले लंबित हैं, उन्हें इस सूची से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
  • नए रंगरूटों के लिए पाबंदी: 16 फरवरी 2024 के बाद सेवा में शामिल हुए नए पटवारियों के ट्रांसफर पर तब तक रोक रहेगी, जब तक कि कोई बेहद आपातकालीन स्थिति न हो।

​ 15 दिन की ‘डेडलाइन’

​आदेश जारी होने के साथ ही राजस्व विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं। ट्रांसफर किए गए पटवारियों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने वर्तमान हल्के (क्षेत्र) का प्रभार सौंपकर नए जिले/तहसील में जॉइनिंग देनी होगी। ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Back to top button