स्कॉलरशिप फर्जीवाड़े पर MP सरकार सख्त: फर्जी OBC सर्टिफिकेट पर विदेश में पढ़ाई करने वाले हरियाणा के छात्र से वसूले ₹20.24 लाख
एमपी सरकार का बड़ा एक्शन: विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े में हरियाणा के छात्र से ₹20 लाख से ज्यादा की वसूली, जांच तेज

स्कॉलरशिप फर्जीवाड़े पर MP सरकार सख्त: फर्जी OBC सर्टिफिकेट पर विदेश में पढ़ाई करने वाले हरियाणा के छात्र से वसूले ₹20.24 लाख
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही ‘विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना’ में हुए फर्जीवाड़े पर बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने योजना का गलत तरीके से लाभ उठाकर विदेशों में पढ़ाई करने वाले अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए छात्रवृत्ति की राशि की वसूली (Recovery) शुरू कर दी है।
फर्जी ओबीसी सर्टिफिकेट पर ली छात्रवृत्ति, हुई ₹20.24 लाख की रिकवरी
जांच के बाद सरकार ने इसी कड़ी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है:
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हरियाणा का छात्र आया जद में: जांच एजेंसियों ने हरियाणा के निवासी छात्र अवनीश तंवर से 20 लाख 24 हजार 863 रुपये की पूरी राशि वसूल कर ली है।स्कॉलरशिप फर्जीवाड़े पर MP सरकार सख्त: फर्जी OBC सर्टिफिकेट पर विदेश में पढ़ाई करने वाले हरियाणा के छात्र से वसूले ₹20.24 लाख
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फर्जी दस्तावेजों का खेल: जांच में यह खुलासा हुआ कि अवनीश ने मध्य प्रदेश की इस योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी ओबीसी (OBC) प्रमाण पत्र और अन्य कूटरचित (गलत) दस्तावेजों का सहारा लिया था, जिसके आधार पर उसने लाखों रुपये की स्कॉलरशिप हासिल की थी।
क्या है पूरा मामला और आगे की तैयारी?
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। लेकिन हाल ही में इस योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अन्य राज्यों के अपात्र उम्मीदवारों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने की शिकायतें सामने आई थीं।
विभाग का कड़ा संदेश: अवनीश तंवर से हुई इस बड़ी रिकवरी के बाद विभाग ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ शुरुआत है। सरकार अब ऐसे अन्य सभी संदिग्ध मामलों की फाइलों को दोबारा खंगाल रही है।स्कॉलरशिप फर्जीवाड़े पर MP सरकार सख्त: फर्जी OBC सर्टिफिकेट पर विदेश में पढ़ाई करने वाले हरियाणा के छात्र से वसूले ₹20.24 लाख
अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच को और तेज कर दिया गया है। आने वाले दिनों में कई और अपात्र लोगों पर गाज गिर सकती है और उनसे भी ब्याज सहित राशि की वसूली के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि वास्तविक और जरूरतमंद आरक्षित वर्ग के छात्रों को उनका हक मिल सके।








