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MP Cabinet Decision: मोहन यादव सरकार ने खोला ₹21,485 करोड़ का खजाना; गांवों में रजिस्ट्री बिल्कुल FREE, इन 5 शहरों को मिले नए मेडिकल कॉलेज

MP Cabinet Decision: मोहन यादव सरकार ने खोला ₹21,485 करोड़ का खजाना; गांवों में रजिस्ट्री बिल्कुल FREE, इन 5 शहरों को मिले नए मेडिकल कॉलेज

MP Cabinet Decision: मोहन यादव सरकार ने खोला ₹21,485 करोड़ का खजाना; गांवों में रजिस्ट्री बिल्कुल FREE, इन 5 शहरों को मिले नए मेडिकल कॉलेज

भोपाल/कटनी: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय (भोपाल) में मंत्रि-परिषद की अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए 21 हजार 485 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को विधिक मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने ग्रामीण आबादी को अपनी संपत्ति पर बैंक लोन लेने की सुविधा देने के लिए स्टॉम्प ड्यूटी पूरी तरह माफ करने समेत प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।

 1. ‘स्वामित्व अधिकार योजना 2026’ को हरी झंडी: रजिस्ट्री और स्टॉम्प ड्यूटी 100% माफ!

ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए कैबिनेट ने एक क्रांतिकारी विधिक विन्यास को मंजूरी दी है:

  • लोन मिलना होगा आसान: ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक से बने अधिकार अभिलेखों (जमीन के कागजात) का ‘डीड ऑफ कन्वेयेंस’ के माध्यम से पंजीयन (रजिस्ट्री) कराया जाएगा। इससे ग्रामीण अपनी संपत्ति पर गृह निर्माण, व्यवसाय या खेती के लिए बैंकों से आसानी से लोन ले सकेंगे।

  • 3,800 करोड़ का वित्तीय भार सरकार उठाएगी: इस विधिक प्रक्रिया के लिए ग्रामीणों से कोई स्टॉम्प ड्यूटी या पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका संपूर्ण $3,800$ करोड़ रुपये का वित्तीय भार राज्य सरकार खुद वहन करेगी। मध्य प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख बनाए जा चुके हैं।

  • कमेटी का गठन: योजना की मॉनिटरिंग के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनेगी। साथ ही इसके प्रचार-प्रसार के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

 2. स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के लिए ₹17,059 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी

प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की कायाकल्प करने के लिए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत भारी बजट स्वीकृत किया गया है:

  • 12 मेडिकल कॉलेजों का संचालन: चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध अस्पतालों के निरंतर संचालन (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक) के लिए 14,363.95 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, ताकि जनता को मुफ्त और विश्वस्तरीय इलाज मिल सके।

  • 5 नए चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण: प्रदेश के उज्जैन, सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों (Medical Colleges) के भवन निर्माण के लिए 1,200 करोड़ रुपये की विधिक स्वीकृति दी गई है।

  • MBBS और PG सीटों में भारी बढ़ोतरी: मेडिकल कॉलेजों में पीजी (Post Graduate) सीटों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 657 करोड़ रुपये तथा एमबीबीएस (MBBS) सीटों में वृद्धि व आधुनिक उपकरणों की स्थापना के लिए 838 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे प्रदेश को बड़ी संख्या में नए डॉक्टर मिलेंगे।

3. स्कूली बच्चों को मिलेगी तैयार ड्रेस, इंदौर कोर्ट भवन का बजट बढ़ा

कैबिनेट बैठक में शिक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए:

  • पहली से आठवीं तक रेडीमेड गणवेश: सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही 2 जोड़ी सिली-सिलाई गणवेश (यूनिफॉर्म) प्रदाय की जाएगी। इस निविदा प्रक्रिया के लिए ‘मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम’ को अधिकृत किया गया है ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।

  • इंदौर जिला न्यायालय भवन: इंदौर के पिपल्याहाना में निर्माणाधीन भव्य जिला न्यायालय भवन की पुनरीक्षित निर्माण लागत को 411 करोड़ 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 626 करोड़ 61 लाख रुपये करने की विधिक स्वीकृति दी गई है।

4. अध्यादेशों को मंजूरी, फिल्मों को टैक्स फ्री करने का अनुसमर्थन और न्यायिक जांच आयोग

कैबिनेट ने विधायी कार्यों और सुरक्षा विन्यासों को लेकर निम्नलिखित अहम फैसले लिए:

  • दो महत्वपूर्ण अध्यादेश: “मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” तथा “मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूपों को मंजूरी दी गई, जिन्हें राज्यपाल के माध्यम से प्रख्यापित कराया जाएगा।

  • दो फिल्में SGST से मुक्त: अनुपम खेर द्वारा निर्देशित हिंदी फिल्म “तन्वी द ग्रेट” और आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित “शतकः संघ के 100 वर्ष” को मध्य प्रदेश में एस.जी.एस.टी. (SGST) से पूरी तरह छूट देने के पहले के आदेशों का कैबिनेट ने अनुसमर्थन (Ratification) किया।

  • बरगी क्रूज हादसे की न्यायिक जांच: जबलपुर के बरगी बांध में 30 अप्रैल 2026 को हुई क्रूज दुर्घटना की जांच के लिए हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति श्री संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में गठित एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग को कैबिनेट ने विधिक हरी झंडी दे दी है।

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