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MP Dairy Farming: कटनी के ग्राम मढ़िया में ‘क्षीरधारा ग्राम योजना’ का धमाका; पशुओं के इलाज, नस्ल सुधार और बांझपन निवारण के लिए लगा विशेष जागरूकता शिविर

MP Dairy Farming: कटनी के ग्राम मढ़िया में 'क्षीरधारा ग्राम योजना' का धमाका; पशुओं के इलाज, नस्ल सुधार और बांझपन निवारण के लिए लगा विशेष जागरूकता शिविर

कटनी/रीठी: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को वैज्ञानिक विन्यासों के जरिए बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी के कुशल निर्देशन एवं उपसंचालक पशुपालन डॉ. आर.के. सोनी के मार्गदर्शन में विकासखंड रीठी की ग्राम पंचायत बरयारपुर के अंतर्गत ग्राम मढ़िया में ‘क्षीरधारा ग्राम योजना’ (Ksheerdhara Gram Yojana) के तहत एक दिवसीय भव्य पशुपालन जागरूकता एवं चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में क्षेत्र के दर्जनों पशुपालकों ने अपने दुधारू पशुओं के साथ शिरकत की और उन्नत डेयरी फार्मिंग के गुर सीखे।

MP Dairy Farming: कटनी के ग्राम मढ़िया में ‘क्षीरधारा ग्राम योजना’ का धमाका; पशुओं के इलाज, नस्ल सुधार और बांझपन निवारण के लिए लगा विशेष जागरूकता शिविर

बांझपन निवारण से लेकर अपशिष्ट प्रबंधन तक; एक्सपर्ट्स ने दीं विधिक जानकारियां

शिविर के दौरान मौजूद पशु चिकित्सा विशेषज्ञों ने पशुपालकों को पारंपरिक ढर्रे से हटकर आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विधिक व व्यावहारिक जानकारी दी गई:

  • पशु स्वास्थ्य और पोषण: दुधारू पशुओं को कड़कड़ाती गर्मी में बीमारियों से कैसे बचाएं और उनका दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कैसा संतुलित आहार दें।
  • उन्नत नस्ल सुधार: कृत्रिम गर्भाधान के जरिए पशुओं की नस्ल को सुधारने और चारागाह विकास (Pasture Development) पर जोर दिया गया।
  • गोबर और अपशिष्ट प्रबंधन: पशुओं के मलमूत्र और अपशिष्ट का सही प्रबंधन कर जैविक खाद बनाने के उन्नत तरीके सिखाए गए।

38 पशुपालकों को मिलीं ऑन-द-स्पॉट चिकित्सा सेवाएं, मुफ्त बांटी गईं दवाइयां

इस शिविर का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि ग्रामीणों को अपने बीमार पशुओं को दूर अस्पताल ले जाने की विवशता से मुक्ति मिली। शिविर के दौरान मौके पर ही निम्नलिखित विधिक और चिकित्सकीय कार्य संपन्न किए गए:

  • स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार: बीमार गायों, भैंसों और अन्य मवेशियों का डॉक्टरों की टीम द्वारा ऑन-द-स्पॉट हेल्थ चेकअप किया गया।
  • निशुल्क औषधि वितरण: जांच के बाद पशुपालकों को पशुओं की रिकवरी के लिए आवश्यक दवाइयां और टॉनिक मुफ्त बांटे गए।
  • बांझपन और गर्भ परीक्षण: मवेशियों में बांझपन (Infertility) की समस्या के निदान के लिए विशेष उपचार किया गया और एडवांस्ड गर्भ परीक्षण संबंधी विधिक कार्य किए गए।
  • इस शिविर में कुल 38 प्रमुख पशुपालकों ने सक्रिय रूप से सहभागिता दर्ज कर विभिन्न सरकारी विधिक सेवाओं और विभागीय योजनाओं का सीधा लाभ उठाया। स्थानीय पशुपालकों ने इस पहल पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए प्रशासन से रीठी क्षेत्र में ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की है।

कदमताल मिलाते दिखे सरकारी विशेषज्ञ; ये रहे उपस्थित

शिविर को पूरी तरह सफल बनाने में पशुपालन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों और मैदानी अमले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर मुख्य रूप से:

  • प्रभारी पशु चिकित्सालय बिलहरी डॉ. आरती तिवारी
  • व्हीईओ रीठी डॉ. जगदम्बा मानिक
  • एवीएफओ सुश्री अक्षिता तिवारी
  • ड्रेसर श्री मनीष साहू
  • गौसेवक श्री रामकृपाल पाल
  • मैत्री श्री मनीष यादव
  • पशु सखी श्रीमती सपना बाई गोंड सहित अन्य मैदानी कर्मचारी और प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

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