MP BJP Politics: मध्यप्रदेश में बदले जा सकते हैं मंत्रियों के प्रभार वाले जिले, सहकारिता के जरिए जमीनी स्तर पर पार्टी मजबूत करने की तैयारी
भोपाल: मध्य प्रदेश में जल्द ही शिवराज कैबिनेट या मोहन सरकार के मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित भाजपा कोर कमेटी की बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी के बीच एक अहम और बंद कमरे में बैठक हुई।
इस बैठक में सरकार और संगठन के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही मंत्रियों के प्रदर्शन का भी आकलन किया गया। माना जा रहा है कि जो मंत्री सत्ता और संगठन के पैमानों पर खरे नहीं उतर रहे हैं, उनके प्रभार के जिलों में बदलाव किया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मध्य प्रदेश में भी मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
सहकारिता प्रकोष्ठ की बैठक में बनी जमीनी रणनीति
भाजपा प्रदेश कार्यालय में सोमवार को सहकारिता प्रकोष्ठ की कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई, जिसे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव ने संबोधित किया।
जमीनी स्तर पर विचारधारा का प्रचार: बैठक में तय किया गया कि सहकारिता के माध्यम से सरकार की जनहितैषी योजनाओं और पार्टी की विचारधारा को ग्रामीण स्तर तक अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जाएगा।
प्रमुख नेताओं की मौजूदगी: इस बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग, लखन पटेल, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव, पूर्व सांसद कैलाश सोनी, विधायक रमाकांत भार्गव, नेशनल लेबर कोआपरेटिव फेडरेशन के संचालक विवेक चतुर्वेदी और सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक किशन सिंह भटोल प्रमुख रूप से मौजूद रहे। MP BJP Politics: मध्यप्रदेश में बदले जा सकते हैं मंत्रियों के प्रभार वाले जिले, सहकारिता के जरिए जमीनी स्तर पर पार्टी मजबूत करने की तैयारी











