जिले में समर्थन मूल्य पर अब तक 2 लाख 72 मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित

अब तक 31 हजार 386 किसानों से उपार्जित की गई धान, कृषकों को 258 करोड 87 लाख रूपये का हुआ भुगतान

कटनी। भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड – ए का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति क्विंटल पर शुक्रवार 3 जनवरी तक कुल 31 हजार 386 किसानों से 2 लाख 72 हजार 83 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। इसमें 1 लाख 69 हजार 949 मीट्रिक टन धान का गोदामों में परिवहन भी किया जा चुका है। वहीं जिले में अब तक 48 हजार 21 कृषकों द्वारा स्लॉट की बुकिंग की जा चुकी है तथा 1 लाख 47 हजार 441 मीट्रिक टन के स्वीकृति पत्रक भी जारी किये जा चुके है। इसी तरह से अब तक कृषकों को उपार्जित धान का 258 करोड 87 लाख रूपये का भुगतान किया जा चुका है।

तहसील बहोरीबंद अग्रणी

जिले में अब तक हुए धान उपार्जन के मामले में तहसील बहोरीबंद अग्रणी है । यहां पर शुक्रवार 3 जनवरी की स्थिति में कुल 6467 किसानों से 58 हजार 204 मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जा चुकी है। जबकि दूसरे नंबर पर ढीमरखेड़ा तहसील द्वारा 5151 किसानों सेे अब तक 38 हजार 894 मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जा चुकी है। इसके अलावा रीठी तहसील में अब तक की स्थिति में 3628 किसानों से 36 हजार 186 मीट्रिक टन धान उपार्जित की गई है। वहीं बड़वारा तहसील में 4537 किसानों से 33 हजार 173 मीट्रिक टन और विजयराघवगढ़ तहसील के 3662 कृषकों से 29 हजार 905 मीट्रिक टन धान उपार्जित की जा चुकी है। इसी प्रकार बरही तहसील के 2999 किसानों से 27 हजार 491 मीट्रिक टन धान व कटनी एवं कटनी नगर तहसील तहसील के 2449 किसानों से 25 हजार 799 मीट्रिक टन तथा के साथ ही स्लीमनाबाद तहसील के 2463 किसानों से 22 हजार 431 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने धान उपार्जन कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों को धान उपार्जन केन्द्रों में तिरपाल, पन्नी सहित अन्य समस्त आवश्यक इंतजाम पुख्ता रखनें के निर्देश दिए है। इसके अलावा कलेक्टर श्री यादव द्वारा निरंतर उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण भी किया जाकर खरीदी केन्द्र प्रभारियों और इस कार्य से संबंधित सभी अधिकारियों को दो टूक लहजे मे निर्देशित किया है कि किसानों के हित से जुड़े मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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