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मथुरा यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: 13 की मौत, बसों और कारों में भीषण आग, कई लाशें इतनी जलीं कि पहचान मुश्किल

16 12 2025

मथुरा यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: 13 की मौत, बसों और कारों में भीषण आग, कई लाशें इतनी जलीं कि पहचान मुश्किल। मथुरा के बलदेव में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुए हादसे के बाद का मंजर डरावना है। घने कोहरे में एक के बाद एक टकराने से सात बसों और तीन कारों में लगी भीषण आग ने जमकर तबाही मचाई। अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लाशें इस कदर जली हुई हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल है।

मथुरा यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: 13 की मौत, बसों और कारों में भीषण आग, कई लाशें इतनी जलीं कि पहचान मुश्किल

सात बसों और तीन कारों में लगी आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों को तो बचने का मौका ही नहीं मिला। दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। हादसे के बाद बसों से कंकाल, खोपड़ियां और अधजली लाशें निकालीं गईं, तो देखने वालों का कलेजा कांप गया। आग इतनी भयानक थी कि एक्सप्रेस-वे पर सफेद पट्टी तक पूरी तरह पिघल कर मिट गई। कई लाश बसों की सीटों पर चिपकी हुईं मिलीं। पुलिस ने इन लाशों को बसों से बाहर निकाला। इनको 17 बैग में रखकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया है। 

एंबुलेंस का सायरन और चीखें दहला रहीं दिल 
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे के बाद भयावहता का आलम कलेजा चीर रहा है। मृतक के परिजनों की चीखें और एंबुलेंस के सायरन की आवाज दिल दहला रही है। घायल अपनोंको तलाशते हुए बदहवास हालत में इधर-उधर दौड़ते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों का दिल कांप उठा।

राहत कार्य में जुटीं टीमें
हादसे के बाद मौके पर करीब 14 एंबुलेंस घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी रहीं। 11 दमकलों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान टोल के पास ही टैंकरों की व्यवस्था की गई थी, जिससे दमकलों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़े। 

तीन की हुई शिनाख्त
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन शिनाख्त अभी तक तीन की ही हुई है। शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है। ऐसे में मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जाएगा।

 

तीन की हुई शिनाख्त यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन शिनाख्त अभी तक तीन की ही हुई है। शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है। ऐसे में मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

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