कटनी। Man ki Baat प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात (121 एपिसोड) आज माह के अंतिम रविवार को पूरे अंचल में सुनी गई। इस अवसर पर लोगों ने बेहद उत्सुकता से घरों दुकानों सार्वजनिक स्थलों पर विभिन्न संचार माध्यमों से प्रधानमंत्री श्री मोदी के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना तथा उसे आत्मसात किया।
मन की बात कार्यक्रम के प्रभारी रवि खरे ने बताया कि जिलाध्यक्ष दीपक टण्डन के मार्गदर्शन में कटनी जिले में बूथ स्तर पर मन की बात कार्यक्रम को सुना गया। जिसमें स्थानीय लोगों भाजपजनों की उत्साहजनक भागीदारी थी।
विधायक संजय पाठक, संदीप जायसवाल, धीरेंद्र सिंह, प्रणय पांडे ने अपने निवास पर कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात सुनी, इसी तरह महापौर प्रीति सूरी निगमाध्यक्ष मनीष पाठक ने अपने बूथ अंतर्गत मन की बात को सुना। जिले के पदाधिकारियों ने अपने अपने तय स्थानों पर यह कार्यक्रम सुना।
जिले के मुड़वारा, दीनदयाल उपाध्याय, माधवनगर, निवार,कटनी ग्रामीण, एनकेजे, बड़वारा, पान उमारिया, सिलौड़ी, ढीमरखेड़ा, विलायतकला, देवरीहटाई, बरही, कैमोर, विजयराघवगढ़, सिंनगौड़ी, कांटी, पिपरियाकला, खितौली, बहोरीबंद, स्लीमनाबाद, रीठी, देवगांव, बिलहरी, बाकल, कुआं में मन की बात कार्यक्रम बूथ स्तर पर आयोजित हुआ।
श्री खरे ने बताया कि मन की बात’ कार्यक्रम के 121 वे एपिसोड को संबोधित किया। पीएम मोदी ने रेडियो शो ‘मन की बात’ के 121वें एपिसोड की शुरुआत पहलगाम में मारे गए लोगों को याद करते हुए की। उन्होंने कहा- इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश एक स्वर में बोल रहा है। पूरे विश्व ने संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले से देश के लोगों का खून खौल रहा है। पीड़ित परिजनों को न्याय जरूर मिलेगा।
कश्मीर में शांति लौट रही थी, स्कूल-कॉलेज अच्छे से चल रहे थे, निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व गति आई थी, लोकतंत्र मजबूत हो रहा था, पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हो रही थी, लोगों की कमाई बढ़ रही थी, युवाओं के लिए नए अवसर तैयार हो रहे थे, लेकिन जम्मू-कश्मीर के दुश्मनों को ये रास नहीं आया।
पीएम ने पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिया। कहा- इस हमले के दोषियों और साजिश रचने वालों को कठोर जवाब दिया जाएगा। इसके साथ ही मोदी ने भारत के ग्लोबल स्पेस पावर बनने की भी बात की। कहा- हमने एक साथ 104 सैटेलाइट्स का लॉन्च करके रिकॉर्ड बनाया है। हम चंद्रमा के साउथ पोल पर पहुंचने वाले पहले देश बने हैं।

