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Lok Sabha Election: ये हैं सिवान की लेडी बाहुबली, इनकी कहानी पूरी फिल्मी है, आप भी जान लीजिए

10 05 2019 kavita1 copy 19209948

पटना। पितृपक्ष में शादी कर नई नवेली दुल्हन बनकर घर आईं और सीएम नीतीश कुमार का आशीर्वाद लेने पहुंची कविता सिंह की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दुल्हन बनकर आने के तुरंत बाद ही चुनाव जीतकर सुर्खियों में आने वाली कविता सिंह को जदयू ने इस बार लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है। वो जदयू की एकमात्र महिला उम्मीदवार हैं जिनका सिवान की सीट पर मुकाबला राजद की उम्मीदवार शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से है।

कविता सिंह का राजनीति में आना फिल्मी कहानी से कम नहीं

लोकसभा चुनाव के लिए सिवान सीट से जदयू की उम्मीदवार कविता सिंह की बात की जाए, तो उनका राजनीति में आना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जगमातो देवी के निधन के बाद दरौंदा विधानसभा सीट खाली हो गई थी और उनके इकलौते बेटे अजय सिंह ने इस सीट से जद-यू के टिकट के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की थी।

मगर, उनके आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए नीतीश कुमार ने टिकट देने से इंकार कर दिया था। हालांकि, इसके साथ ही उन्हें सलाह दी कि यदि वे उप-चुनाव के पहले शादी कर लें, तो उनकी पत्नी को पार्टी का टिकट दिया जा सकता है।

अखबार में निकला था अजीबोगरीब शादी का विज्ञापन

बताते हैं कि बाहुबली अजय सिंह के खिलाफ हत्या, अपहरण और जबरन वसूली के करीब 30 मामले दर्ज हैं। लिहाजा, उनके लिए लड़की ढूंढना आसान नहीं था। लिहाजा, अखबार में अजय सिंह से शादी करने के लिए एक विज्ञापन दिया गया। अपनी तरह के अजीब विज्ञापन में कहा गया था कि होने वाली दुल्हन का वोटर लिस्ट में नाम होना चाहिए, उसके पास मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए, उसकी उम्र 25 साल से अधिक होनी चाहिए और राजनीतिक पृष्ठभूमि वाली लड़की को वरीयता दी जाएगी।

पितृपक्ष में हुई थी अजय सिंह और कविता की शादी

आखिर में 16 लड़कियों में से कविता का चयन किया गया। परा-स्नातक की छात्रा कविता सिंह छपरा की जेपी यूनिवर्सिटी की छात्रा थी। जल्द ही परिवारजनों के सामने पितृ -पक्ष में अजय सिंह की शादी कविता के साथ संपन्न कर दी गई।

बताते चलें कि यह 15 दिनों का ऐसा समय होता है, जिसे हिंदू लोग शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं मानते हैं। इसके बाद उन्हें उप चुनाव के लिए टिकट मिली और वह पर्याप्त संख्या में मतों से जीतीं और साल 2011 में बिहार विधानसभा की सबसे कम उम्र की सदस्य बनीं।

फिर से 2015 में भी कविता को जेडीयू ने दरौंदा सीट से ही टिकट दिया और वो फिर चुनाव जीत गईं। अजय सिंह की छवि इलाके में डॉन की है और उनपर हत्या, अपहरण समेत करीब तीस संगीन मामलों में आरोप हैं।

इस बार कविता सिंह जदयू के टिकट पर सिवान सीट से उम्मीदवार बनायी गई हैं और उनका मुकाबला मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब से है। सिवान सीट पर इलाके दोनों बाहुबली की पत्नियां इस बार लोकसभा चुनाव मैदान में हैं। देखना होगा कि सिवान की जनता किसे चुनती है?

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