
ओडिशा में ₹80,000 की घूस लेते लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर रंगे हाथ गिरफ्तार; घर की तलाशी में मिले ₹8.24 लाख कैश
yashbharat.com: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए ओडिशा विजिलेंस (Odisha Vigilance) की टीम ने एक बड़ी और कामयाब कार्रवाई को अंजाम दिया है। विजिलेंस ने नबरंगपुर जिले के रायघर में मुख्य जिला पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनात लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर (पशुधन निरीक्षक) प्रफुल्ल हलदर को ₹80,000 की मोटी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
शातिर अधिकारी पर राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कामधेनु योजना’ के तहत एक गरीब डेयरी किसान (लाभार्थी) की सब्सिडी राशि जारी करने के बदले कमीशन/रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगा है।
कामधेनु योजना की सब्सिडी रोकने की दी थी धमकी
विजिलेंस के आला अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पूरा मामला कुछ इस प्रकार है:
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क्या है योजना: मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के तहत राज्य के ग्रामीण और गरीब डेयरी किसानों को 1 से 5 गायों की डेयरी यूनिट (डेयरी फार्म) स्थापित करने के लिए सरकार की तरफ से भारी वित्तीय सहायता और सब्सिडी दी जाती है।
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मांगी ₹80 हजार की घूस: इसी योजना के तहत रायघर क्षेत्र के एक संबंधित डेयरी किसान का चयन लाभार्थी के रूप में हुआ था। आरोप है कि पशुधन निरीक्षक प्रफुल्ल हलदर ने उसकी रुकी हुई सब्सिडी राशि को बैंक खाते में रिलीज करने के बदले ₹80,000 की मांग की।
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पूरे गांव को दी धमकी: घूसखोर इंस्पेक्टर की हनक इतनी थी कि उसने पीड़ित किसान को कथित तौर पर धमकी दी कि यदि उसने ₹80,000 नहीं दिए, तो न केवल उसकी, बल्कि उसके पूरे गांव के अन्य सभी लाभार्थियों की भी सब्सिडी हमेशा के लिए रोक दी जाएगी।
विजिलेंस ने बिछाया जाल, ‘केमिकल टेस्ट’ में खुली पोल
बार-बार मिल रही धमकियों और रिश्वत की मांग से तंग आकर पीड़ित किसान ने सीधे ओडिशा विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
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रंगे हाथों दबोचा: शिकायत की सत्यता जांचने के बाद विजिलेंस की टीम ने रायघर कार्यालय में एक ‘सीक्रेट ट्रैप’ (जाल) बिछाया। जैसे ही तय योजना के मुताबिक पीड़ित किसान ने प्रफुल्ल हलदर को ₹80,000 के नोट थमाए, वैसे ही सिविल ड्रेस में तैनात विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
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हैंड वॉश टेस्ट हुआ पॉजिटिव: विजिलेंस ने बताया कि रिश्वत के नोटों पर एक विशेष केमिकल लगाया गया था। आरोपी प्रफुल्ल हलदर के दोनों हाथों का जब ‘हैंड वॉश टेस्ट’ (Fingertip Chemical Test) कराया गया, तो पानी का रंग बदलते ही परिणाम सकारात्मक (Positive) आए, जिससे वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो गया कि उसने रिश्वत की रकम को कबूला और छुआ था।
घर की तलाशी में नोटों के बंडल बरामद; आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू
ट्रैप की इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद विजिलेंस की स्पेशल टीमों ने आरोपी लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर के रायघर स्थित सरकारी आवास और निजी ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन (छापेमारी) शुरू कर दिया:
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₹8.24 लाख का मिला खजाना: आरोपी के घर की अलमारियों और ठिकानों की तलाशी के दौरान विजिलेंस को ₹8,24,000 (8.24 लाख रुपये) का बेहिसाब कैश बरामद हुआ, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया है।
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भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज: कोरापुट विजिलेंस थाने में आरोपी अधिकारी प्रफुल्ल हलदर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उसे विशेष विजिलेंस अदालत में पेश किया जा रहा है। विजिलेंस अब उसकी काली कमाई से बनाई गई अचल संपत्तियों और बैंक खातों को भी खंगाल रही है।








