शिवपुरी। पिछले दो माह से शिवपुरी के एक छोटी सी विधानसभा कोलारस कई बार राष्ट्रीय परिदृश्य पर उभरी। कारण यहां हो रहे उपचुनाव। भले ही यह चुनाव महज पांच माह के लिए हो, लेकिन इसके परिणाम इस साल के अंत में होने जा रहे प्रदेश के विधानसभा चुनाव की दशा और दिशा भी तय करने वाले रहेंगे।
यही कारण है कि दोनों ही पार्टियों ने चुनाव जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। राजनीति का अखाड़ा बन चुके कोलारस उपचुनाव में सीएम शिवराज सिंह और भाजपा सरकार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी, कांग्रेस को यह सीट बचाने की चिंता रही।
यह सीट कांग्रेस के विधायक रामसिंह यादव के निधन के कारण खाली हुई थी। मुख्य मुकाबला रामसिंह यादव के पुत्र महेंद्र यादव कांग्रेस और भाजपा के देवेंद्र जैन के बीच ही है।
शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच 311 बूथों पर मतदान शुरु हुआ। विधानसभा में 2 लाख 44 हजार मतदाता हैं जो 22 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। दोपहर दो बजे तक अधिकृत तौर पर करीब 45 फीसदी मतदान हो चुका है।
कोलारस उपचुनाव
कोलारस उपचुनाव के शनिवार को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो गया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 311 पोलिंगों पर मतदान शुरू हुआ। सबसे पहले भाजपा प्रत्याशी देवेन्द्र जैन और उनकी पत्नी पदमा जैन ने कोलारस के वार्ड क्रमांक 14 में मतदान किया तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र यादव ने भी अपने गृह ग्राम खतौरा में मतदान किया।
सुबह से ही कई स्थानों से ईवीएम मशीन खराब होने की सूचनाएं आने लगी थी। करीब 18 स्थानों पर ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के चलते मतदान प्रभावित हुआ और कुछ देर बाद मशीनों को बदला गया जिसके बाद मतदान पुन: शुरू हुआ। जिन स्थानों पर मतदान प्रभावित हुआ उनमें सेसई, सींगाखेड़ी, जगतपुर की 42 नंबर पोलिंग, लुकवासा के 82 नंबर पोलिंग, तिलातिली की 157 नंबर पोलिंग, बदरवास की 141 पोलिंग सहित कुछ अन्य स्थानों पर मतदान ईवीएम मशीन खराब होने के चलते प्रभावित हुआ।
