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Live संजय ने लोककल्याण और अब जन जन के तीर्थदर्शन का भी जो संकल्प लिया वह अनुकरणीय: शिवराज सिंह

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Hari har Tirth संजय ने सरकार के साथ लोककल्याण के काम तो किये ही क्षेत्रीय लोगों का परलोक भी बनाने का जो संकल्प लिया वह अनुकरणीय और अकल्पनीय है। अक्सर बुजुर्ग यह आस लगाते हैं कि तीर्थदर्शन कर ले ताकि मोक्ष मिले संजय पाठक ने घर मे तीर्थ लाकर धन्य धन्य कर दिया। आज यहां का नजारा देखकर किसी महाकुंभ जैसा अनुभव हो रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आज हरिहर तीर्थ क्षेत्र संकल्प के पृथ्वीपूजन कार्यक्रम में यह विचार विशाल जन समुदाय को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

सीएम शिवराज सिंह ने कहा कि जो कल्पना संजय पाठक ने ली है वह निश्चित तौर पर मूर्त रूप लेगी। उन्हें यह तीर्थ क्षेत्र को बना कर गांव गरीब तथा आम जन जो चारों धाम नहीं कर पाते उन्हें यहीं पर चारधाम कराने का यह श्रवण कुंमार जैसा कार्य किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन करा रही संजय ने यहीं पर तीर्थ बनाने का संकल्प लिया। मुख्य मंत्री ने इस कार्य के लिए जनता से सहयोग का आव्हान किया साथ ही इस कार्य के लिए सरकार की तरफ से जो भी आवश्यक मदद होगी देने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर लाडली बहना योजना के लिए बहनों को बधाई दी एवं कहा कि आने वाले समय मे यह राशि 3 हजार रुपये तक की जाएगी।

सीएम के उदबोधन के पूर्व विधायक संजय पाठक ने हरिहर तीर्थ जैसे महान संकल्प के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान संजय पाठक पिताश्री सत्येंद्र पाठक जी का जिक्र करते हुए भावुक हुए। उन्होंने इस संकल्प के लिए सभी से सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

संजय पाठक ने कहा कि वह विधायक नहीं वह हर मां के बेटे हैं। विकास के लिए महानदी के पुल के लिए 27 करोड़ की स्वीकृति मुख्यमंत्री जी ने दी उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी से जब जब जो मांगा वह दिया। श्री पाठक ने कहा कि गुरुदेव कहते थे कि जीवन से मृत्यु के बीच कुछ न कुछ ऐसा जरूर करें कि आपका नाम अमर हो जाये।

श्री पाठक ने कहा कि एक दिन एक गरीब बुजुर्ग को कहते सुना कि काश ऐसा भी मेरा कोई पुत्र होता कि मुझे भी कोई तीर्थ यात्रा कर देता, तब मैंने सोचा कि कोई वहां नही जा पाते तो यहाँ एक प्रतिकृति बन जाये। जब मैं विजयराघवगढ़ आया तो हरिहर तीर्थ के दर्शन कर लें बस यह परिकल्पना मन मे आई और संकल्प लिया आप सब के आशीर्वाद से साढ़े तीन साल में यह बन जाये, अब यही आकांक्षा है। यहां बैठे सभी को सहयोग देना है। तीर्थ बनता है तो आस्था विश्वास से सभी को आग्रह कर रहा हूँ यह मेरे नही आप सभी के जीवन का संकल्प बने।

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